जंगल सत्याग्रह क्या था ? लिखिए ।

उत्तर- 1930 में जब गाँधीजी ने दांडी मार्च कर नमक सत्याग्रह किया था , तब सिवनी के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दुर्गाशंकर मेहता के नेतृत्व में जंगल सत्याग्रह चलाया । सिवनी से 9-10 मील दूर सरकारी जंगल चंदन बगीचों में घास काटकर यह सत्याग्रह किया जा रहा था । इसी सिलसिले में 9 अक्टूबर , 1930 को सिवनी जिले के ग्राम दुरिया , जो कि सिवनी से 28 मील दूर स्थित है , में सत्याग्रह की तारीख निश्चित हुई । कुछ स्वयंसेवक घास काटकर सत्याग्रह करने गए । पुलिस दरोगा और रेंजर ने सत्याग्रहियों का समर्थन करने आए जनसमुदाय के साथ बहुत अभद्र व्यवहार किया , जिससे जनता उत्तेजित हो उठी । सिवनी के डिप्टी कमिश्नर के इस हुक्म पर कि ‘ टीच देम ए लेसन ‘ पुलिस ने गोली चला दी । घटनास्थल पर ही तीन महिलाएँ गुड्डो दाई , रैना बाई , बेमा बाई और एक र बिरजू गोंड शहीद हो गए ये चारों शहीद आदिवासी थे ।

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