संविधान में प्रस्तावना का महत्व है ?

उत्तर- भारतीय संविधान में प्रस्तावना का बहुत महत्व है । संविधान की प्रस्तावना में संविधान निर्माताओं ने संविधान निर्माण के लक्ष्यों , मूल्यों एवं विचारों का समावेश किया हैं । इसे संविधान की आत्मा अथवा कुंजी भी कहा जाता है । प्रस्तावना संविधान निर्माताओं की मनोभावना एवं संकल्प का प्रतीक है । प्रस्तावना के प्रारम्भिक शब्दों में ही यह भाव निहित है कि संविधान का निर्माण जनता की इच्छा से ही हुआ है व अंतिम सत्ता जनता में निहित है । प्रस्तावना में संविधान सभा के इस संकल्प की घोषणा है कि भारत सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न गणराज्य होगा । 1976 में 42 वें संविधान संशोधन द्वारा भारत को समाजवादी एवं पंथ निरपेक्ष राज्य घोषित किया गया है । 

 

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