केन्द्र व राज्य सरकारों के मध्य प्रशासनिक शक्तियों का विभाजन किस प्रकार किया जाता है ? समझाइए ।

उत्तर- केन्द्र व राज्य सरकार के मध्य प्रशासनिक शक्तियों का विभाजन निम्न प्रकार किया गया है 

 

1. राज्य सरकारों को निर्देश- 

राष्ट्रीय महत्व के विषयों में केन्द्र सरकार राज्य सरकारों को निर्देश देती है । इन निर्देशों का पालन राज्यों द्वारा किया जाता है । राष्ट्रीय सुरक्षा , विदेशों से राजनयिक सम्पर्क आदि इस श्रेणी में आते हैं । 

 

2. संघीय कार्यों को राज्य सरकारों को सौंपना – 

संघीय कार्यपालिका कुछ कार्य राज्य सरकारों को सौंप सकती है । किसी अन्तर्राष्ट्रीय संधि या समझौते के पालन के लिए संघ राज्यों को आदेश दे सकता है । लव मार्गों की सुरक्षा आदि विषयों से सम्बन्धित ऐसे ही आदेश दिए जा सकते हैं । 

 

3. अखिल भारतीय सेवाएँ- 

भारत में कुछ सेवाएँ अखिल भारतीय सेवाएं हैं , जैसे- आई.ए.एस. ( भारतीय प्रशासनिक सेवा ) , आई.पी.एस. ( भारतीय पुलिस सेवा ) आदि । इन सेवाओं के अधिकारियों का चयन संघीय लोक सेवा आयोग करता है । इन अधिकारियों की सेवा शर्तों का निर्धारण केन्द्रीय सरकार करती है । अपने सम्बन्धित राज्यों में सेवा करने के अतिरिक्त ये अधिकारी समय – समय पर केन्द्र में भी सेवा करते हैं । इस प्रकार संघ सरकार राज्यों पर अपना प्रभाव रखती है । 

 

4.आर्थिक सहायता- 

राज्य सरकार को जो राशि करों से प्राप्त होती हैं , वह अपर्याप्त होती है । आय के महत्वपूर्ण साधन केन्द्र के पास है । केन्द्र सरकार राज्यों को समय – समय पर अनुदान देती है । इस सहायता माध्यम से केन्द्र राज्यों अपना प्रभाव रखता है । 

 

5.संसद के अधिकार – 

संसद को यह अधिकार है कि वह कानून बनाकर एक राज्य को विभाजित कर देया दो राज्यों या उनके भाग को मिलाकर एक नया राज्य बना दे । किसी राज्य का क्षेत्र बढ़ाने , घटाने उसकी सीमाओं में परिवर्तन करने की शक्ति संसद को प्राप्त है । 

 

6. राज्य सूची में वर्णित विषयों पर कानून बनाना – 

राज्यों को यह अधिकार है कि वह राज्य सूची के विषयों पर कानून बना सके तथा प्रशासन कर सके , परन्तु राज्यों का यह अधिकार अन्तिम नहीं है । निम्न परिस्थितियों में संसद , राज्य सूची के विषयों पर कानून बना सकती है । 

 

( अ ) राज्य सभा द्वारा किसी प्रांतीय सूची के विषय को राष्ट्रीय महत्व का विषय घोषित करने पर । 

( ब ) राष्ट्रपति द्वारा आपात्काल की घोषणा किए जाने पर । 

( स ) राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने पर राष्ट्रपति के द्वारा राज्य की विधायनी शक्ति संसद को सौंपने पर । 

( द ) यदि राज्य विधान मण्डल स्वयं इस आशय का प्रस्ताव पारित कर दे कि किसी विषय विशेष पर संसद कानून बनाए । 

 

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