संसद में विधेयक पारित होने की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए ?

उत्तर – संसद में विधेयक पारित होने की प्रक्रिया निम्नलिखित है 

 

1.प्रथम वाचन या विधेयक का प्रस्तुतीकरण-

संसद का कोई भी सदस्य एक माह की पूर्व सूचना पर लोकसभा / राज्यसभा अध्यक्ष की अनुमति मिलने पर विधेयक को प्रस्तुत करता है । प्रथम वाचन के समय केवल शीर्षक को पढ़कर सुनाया जाता है । साधारणतः प्रथम वाचन पर कोई वाद – विवाद नहीं होता । अर्थात् विधेयक का प्रस्तुतीकरण ही प्रथम वाचन है । प्रस्तुतीकरण उपरांत विधेयक को भारतीय गजट में प्रकाशित किया जाता है । 

 

2. द्वितीय वाचन – 

द्वितीय वाचन के शुरु होने के पूर्व विधेयक की प्रतियाँ सभी सदस्यों को वितरित की जाती हैं । इस स्तर पर विधेयक के प्रत्येक अनुच्छेद पर विस्तार से विचार नहीं होता , केवल मूल अवधारणा पर विचार होता है । उस अवसर पर कोई संशोधन भी प्रस्तुत नहीं किया जाता । यदि आवश्यक समझा जाता है , तो विधेयक को संयुक्त प्रवर समिति को भेजा जाता है । 

 

3. समिति अवस्था- 

गहन विचार के लिए सदन को छोटी – छोटी समितियों में विभाजित किया जाता है । समिति के सदस्य विधेयक के प्रत्येक अनुच्छेद पर सूक्ष्मता से विचार करते हैं । समिति चाहे तो विशेषज्ञों से परामर्श ले सकती है । समिति को विधेयक में संशोधन करने का भी अधिकार है । पूर्णरूप से विचार उपरांत समिति अपना प्रतिवेदन लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा के सभापति को ( जैसी आवश्यकता हो ) प्रस्तुत करती है । 

 

4. प्रतिवेदन स्तर – 

समिति प्रतिवेदन तथा समिति द्वारा विधेयक में जो संशोधन किया जाता है , की प्रतियाँ सदन के सदस्यों को दी जाती हैं । सदन चाहे तो समिति के प्रतिवेदन को उसी स्वरूप में स्वीकार कर सकता है । सदन में विधेयक पर चर्चा होती है । सदस्य अपनी ओर से संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकते हैं । संशोधन से सम्बन्धित प्रत्येक पार विचार – विमर्श तथा वाद – विवाद होता है । अंत में विधेयक पर मतदान होता है । यदि मतदान उपरांत विधेयक को स्वीकार कर लिया जाता है , तो यह चरण पूर्ण हो जाता है ।

 

5. तृतीय वाचन- 

प्रतिवेदन स्तर के उपरांत विधेयक पारित होने की अवस्था अंतिम अवस्था या तृतीय वाचन कहलाता है । उस स्तर पर विधेयक की प्रत्येक धारा पर विचार न होकर मूल भावना पर विचार होता है । इस अवस्था में विधेयक में कोई परिवर्तन नहीं होता । यदि विधेयक को सदन पारित कर देता है , तो सदन के अध्यक्ष या सभापति के हस्ताक्षर से विधेयक को प्रमाणित कर उसे दूसरे सदन में भेज दिया जाता है । 

 

6. विधेयक का दूसरे सदन में जाना- 

किसी भी एक सदन में जब विधेयक स्वीकृत हो जाता है , तो उसे दूसरे सदन में भेजा जाता है । दूसरे सदन में विधेयक उपर्युक्त प्रक्रिया से ही गुजरता है । 

 

7. राष्ट्रपति की स्वीकृति- 

संसद के दोनों सदनों में जब विधेयक पारित हो जाता है , तब उसे राष्ट्रपति की स्वीकृति हेतु भेजा जाता है । राष्ट्रपति की स्वीकृति उपरांत वह विधेयक कानून बन जाता है , तब उसे सरकारी गजट में प्रकाशित कर दिया जाता है । साधारण विधेयकों पर राष्ट्रपति अपनी स्वीकृति दे सकता है , या उसे पुनर्विचार हेतु सदनों को वापिस भेज सकते हैं । परन्तु यदि दोनों सदन पुनः विधेयक को पारित कर देते हैं , तो उस विधेयक पर राष्ट्रपति को स्वीकृति देनी ही होती है । 

 

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