राष्ट्रपति के संकटकालीन अधिकारों का वर्णन कीजिए ?

उत्तर- राष्ट्रपति की संकटकालीन ( आपात्कालीन ) शक्तियाँ निम्नलिखित हैं- 

 

( 1 ) देश पर बाह्य आक्रमण , देश में हमे वाले सशस्त्र विद्रोह , राज्यों में संवैधानिक व्यवस्था विफल होने पर या वित्तीय संकट आने पर राष्ट्रपति आपात्काल लागू कर सकते हैं । मंत्रिमंडल की सलाह पर ही राष्ट्रपति आपात्काल की घोषणा कर सकते हैं । ऐसी किसी भी घोषणा पर दो माह के भीतर संसद के दोनों सदनों की पुष्टि आवश्यक है । इस अवस्था में संसद को सम्पूर्ण भारत अथवा उसके किसी भाग के लिए विधि निर्माण का अधिकार प्राप्त हो जाता है । संघ सरकार ऐसी स्थिति में राज्य सरकारों को आवश्यक आदेश दे सकते हैं । 

 

( 2 ) राज्यपाल के प्रतिवेदन से या अन्य तरीके से राष्ट्रपति को यदि यह विश्वास हो जाता है कि किसी राज्य का प्रशासन , संविधान के प्रावधानों के अनुसार नहीं चल पा रहा है , तब राष्ट्रपति केन्द्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति से राज्यों में राष्ट्रपति शासन लागू कर सकता है । ऐसी अधिसूचना पर दो माह के भीतर संसद के देनों सदनों की पुष्टि आवश्यक है । घोषणा अवधि में सम्बन्धित राज्य का सम्पूर्ण या आंशिक शासन राष्ट्रपति के साथ में आ जाता है । राज्य के शासन संचालन का अधिकार वह राज्यपाल को सौंप सकता है । इस अवधि में प्रतों की विधि निर्माण की शक्ति संसद को प्राप्त हो जाती है । इस अवधि में राज्यपाल उच्च न्यायालयों की शक्ति को छेड़का राज्य की समस्त प्रशासकीय शक्तियों का प्रयोग कर सकता है । 

 

( 3 ) जब राष्ट्रपति को यह विश्वास हो जाता है कि देश में गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो गया है , तो वह ‘ आर्थिक आपातकाल लागू का सक्ता है । 

 

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