व्यवस्थापिका के प्रमुख कार्यों को वर्णन कीजिए ?

उत्तर- 1. कानून का निर्माण- 

देश के शासन को संचालित करने के लिए कानूनों के निर्माण का कार्य व्यवस्थापिका करती है । 

 

2. संविधान संशोधन- 

आवश्यकतानुसार संविधान में अगर परिवर्तन करना आवश्यक होता है , तो यह कार्य संविधान द्वारा व्यवस्थापिका को दिया गया है । व्यवस्थापिका आवश्यक संशोधन करने का कार्य 

 

3.प्रशासनिक कार्य – 

व्यवस्थापिका कार्यपालिका पर नियंत्रण करने का महत्वपूर्ण कार्य करती है । संसदात्मक शासन व्यवस्था में कार्यपालिका व्यवस्थापिका के प्रति उत्तरदायी रहती है । इस तरह व्यवस्थापिका प्रशासनिक नियंत्रण का कार्य करती है । 

 

4. राज्य व शासन की नीति का निर्धारण- 

राज्य को दिशा देने एवं नीति निर्धारण का कार्य व्यवस्थापिका करती है । कार्यपालिका द्वारा निर्धारित नीति को व्यवस्थापिका ही स्वीकृति प्रदान करती है । 

 

5. वित्त सम्बन्धी कार्य – 

सरकार द्वारा निर्धारित करों को लगाने और करों को कम अथवा समाप्त करने तथा शासन के व्ययों को स्वीकृति प्रदान करने का कार्य व्यवस्थापिका द्वारा किया जाता है । इस तरह वह जनता से प्राप्त धन ( वित्त ) पर नियंत्रण रखती है । 

 

6. विचार विमर्श का कार्य- 

सदन में प्रस्तुत विषयों एवं विविध समस्याओं पर समग्र दृष्टिकोण से सदस्यों द्वारा चर्चा की जाती है । कानून बनाने से पहले हर सम्बन्धित पक्ष पर विचार से चर्चा कर ली जाती है , जिससे विधि का निर्माण पूर्णतया जनता के हित में हो । 

 

7. न्यायिक कार्य- 

कई देशों में व्यवस्थापिका न्याय सम्बन्धी कार्य भी करती है । राष्ट्रपति को व्यवस्थापिका ही महाभियोग द्वारा पद से हटा सकती है । अमेरिका में भी राष्ट्रपति पर लगाए गए महाभियोग का निर्णय वहाँ की व्यवस्थापिका करती है । 

 

8. समिति और आयोगों का गठन – 

जिन विषयों पर बारीकी से विचार करने की आवश्यकता है , उन पर विचार करने के लिए विविध समितियों और आयोगों का गठन एवं अधिकारी की नियुक्ति करने का कार्य व्यवस्थापिका द्वारा किया जाता है । 

 

9. विदेशनीति पर नियन्त्रण- 

अनेक देशों में व्यवस्थापिका की स्वीकृति के बिना संधियाँ और समझौतों को लागू नहीं किया जाता है । कई देशों में दूसरे देश से युद्ध करने के लिए भी व्यवस्थापिका की स्वीकृति लेनी होती है । 

 

10. निर्वाचन सम्बन्धी कार्य- 

भारत में राष्ट्रपति का निर्वाचन संसद और विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है । अनेक देशों में व्यवस्थापिका निर्वाचन सम्बन्धी कार्य करती है । 

 

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