राज्यपाल की प्रमुख विधायी शक्तियाँ लिखिए ?

उत्तर- राज्यपाल की विधायी शक्तियाँ निम्नलिखित हैं- 

 

( 1 ) राज्यपाल विधानसभा का अनिवार्य अंग होता है । यह विधानसभा की बैठकों को बुलाता है , बैठकों को स्थगित करता हैं तथा उन्हें विसर्जित करता है । मुख्यमंत्री के परामर्श पर विधानसभा को भंग कर सकता है । निर्वाचन के उपरांत और फिर प्रत्येक वर्ष वह विधानसभा के अधिवेशन के प्रारम्भ में अपना अभिभाषण देता है । वह आवश्यकतानुसार विधानमण्डलों को अपना संदेश भेज सकता है । 

 

( 2 ) विधान मण्डलों द्वारा स्वीकृत विधेयकों पर राज्यपाल की स्वीकृति अनिवार्य है । वित्त विधेयकों के अतिरिक्त राज्यपाल विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को म . विधानसभा पुनर्विचार के लिए वापिस भेज सकता है । विधानसभा द्वारा पुनः विधेयक यदि पारित कर राज्यपाल को भेजा जाता है तो राज्यपाल को उस विधेयक पर स्वीकृति देना अनिवार्य है । 

 

( 3 ) अध्यादेश जारी करना- 

जब विधानसभा का अधिवेशन न चल रहा हो राज्यपाल अध्यादेश जारी कर सकते हैं । राज्यपाल द्वारा जारी अध्यादेशों पर छः सप्ताह के भीतर विधानसभा की स्वीकृति अनिवार्य है । 

 

( 4 ) वित्तीय शक्तियाँ- 

राज्य का बजट प्रत्येक वर्ष राज्यपाल विधानसभा में प्रस्तुत करते हैं । वह नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट भी सदन में प्रस्तुत कराते हैं । 

 

( 5 ) अन्य शक्तियाँ- 

जब राज्यपाल को यह अनुभव होता है कि राज्य का प्रशासन संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार चलना संभव नहीं हो रहा है तब वह राज्य में संविधान तंत्र की विफलता सूचना राष्ट्रपति को देता है । राज्यपाल की रिपोर्ट के आधार पर ही राष्ट्रपति राज्य में संकटकाल लागू करता है । ऐसी अवस्था होने पर वह राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करता है ।

 

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