आतंकवाद का समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है ?

उत्तर- मानव जाति के विरुद्ध कुछ व्यक्तियों या गिरोहों की हिंसा को ‘ आतंकवाद ‘ कहते हैं । यह लोकतन्त्र के विरूद्ध अपराध है । आतंकवाद आज विश्वव्यापी समस्या बन गया है । आतंकवादी विश्वभर में आतंकी गतिविधियाँ अपनाकर सबको भयभीत और असुरक्षित करना चाहते हैं । अनैतिक साधनों को भी न्याय संगत ठहराते हैं । हिंसक गतिविधियों द्वारा देश की अखण्डता और एकता को नष्ट करना चाहते हैं । कुछ विदेशी ताकतें , कट्टरपंथी ताकतें और अलगाववादी प्रवृत्तियाँ आतंकवाद को प्रोत्साहन दे रही हैं । ये विश्व में शान्ति भंग कर सबको भयभीत करना चाहती हैं आतंकियों द्वारा अतिविकसित देश अमेरिका की वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर जैसी इमारत को ध्वस्त कर गया । सारा संसार इससे स्तब्ध रह गया । हजारों जानें गई । अपार धन की हानि हुई और असुरक्षा की भावना बढ़ गई । आतंकवादियों द्वारा अक्सर बम विस्फोट जैसे कार्य किये जाते हैं । ये राज्य और समाज को बाँटने का कार्य करते हैं । 

 

आतंकवाद का समाज पर निम्न प्रभाव पड़ता है- 

( 1 ) नागरिकों में असुरक्षा की भावना पैदा हो जाती है , तथा वे आतंकी गतिविधियों से भयभीत रहते हैं । 

( 2 ) समाज व राष्ट्र के आर्थिक विकास के मार्ग में बाधा आती है । जिस गति से विकास कार्य करने होते हैं , उन्हें छोड़कर बचाव कार्य करने पड़ते हैं । इससे शासकीय योजनाएँ प्रभावित होती हैं । 

( 3 ) जन – धन की बहुत हानि होती है । निरपराध लोग मारे जाते हैं । सरकारी और निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचता है । 

( 4 ) आतंकवाद से अघोषित युद्ध जैसी स्थिति बन जाती है । कुछ देश आतंकवाद को कूटनीतिक साधन के रूप में उपयोग करते हैं , जिससे सामाजिक अशांति फैलती है ।

 

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