बेरोजगारी के परिणाम लिखिए ?

उत्तर- बेरोजगारी के परिणाम निम्नलिखित हैं-   

 

1. मानव शक्ति का अपव्यय – 

कार्य करने योग्य व्यक्ति जब बेकार रहते हैं , तो उनका श्रम व्यर्थ जाता है । इस तरह से बहुत से बेरोजगारों की श्रमशक्ति का उपयोग नहीं हो पाता है । 

 

2. आर्थिक विकास में बाधा – 

कृषि में निहित बेरोजगारी और अन्य बेरोजगारी से बचत शून्य हो जाती है , क्योंकि आय कम हो जाती है । पूँजी का निर्माण और विनियोग नहीं हो पाता है , इससे देश के आर्थिक विकास में रूकावट आती है । 

 

3. संसाधनों की बर्बादी – 

देश में सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए बहुत बड़ी धनराशि खर्च करती हैं । प्रशिक्षण पर भी खर्च होता है , परन्तु बेरोजगारी के कारण यह सब व्यर्थ हो जाता है । 

 

4. सामाजिक समस्याएँ- 

बेरोजगारी मानसिक और सामाजिक असंतोष को जन्म देती है । बेरोजगार असंतुष्ट और परेशान व अभाव ग्रस्त रहते हैं । इससे चोरी , डकैती , बेईमानी , शराबखोरी , नशा , आदि बुराइयाँ समाज में बढ़ जाती हैं । सुरक्षा व्यवस्था नष्ट होती है । नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ जाती है । सरकार को इस हेतु बड़ी राशि खर्च करनी पड़ती है । 

 

5. राजनीतिक अस्थिरता- 

बेरोजगारी के कारण एक बड़ा जन – समूह सरकार के विरुद्ध हो जाता है । उनमें असंतोष और आक्रोश उत्पन्न हो जाता है । यह स्थिति राजनैतिक अस्थिरता को जन्म देती है । सरकार पर सदा संकट बना रहता है । 

 

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