भारत में बेरोजगारी के कारणों का वर्णन कीजिए ?

उत्तर- भारत में बेरोजगारी के कारण निम्नलिखित हैं- 

 

1.जनसंख्या में तीव्र वृद्धि – 

काम करने वालों की संख्या तो बढ़ रही है , परन्तु तुलनात्मक रूप में कार्य के अवसर नहीं बढ़ पा रहे हैं । 

 

2. कृषि पर बढ़ता दबाव – 

जनसंख्या वृद्धि से कृषि – भूमि पर जनभार बढ़ा है । इसके कारण उपलब्ध भूमि पर छिपी हुई बेरोजगारी में वृद्धि हुई है । फलतः परिवार का जीवन – स्तर कम हुआ है और प्रति व्यक्ति आय कम हुई है । 

 

3. दोषपूर्ण शिक्षा प्रणाली- 

शिक्षा प्रणाली व्यावसायिक नहीं है । इससे लाखों बी.ए. , एम.ए. करने वाले लोग बेरोजगार रहते हैं । 

 

4. दोषपूर्ण नियोजन- 

हमारे देश में नियोजन नीति रोजगार मूलक नहीं है । रोजगार के अवसर अधिक उपलब्ध हो सकें , इस पर ध्यान कम दिया गया है । 

 

5. श्रमिकों में गतिशीलता का अभाव- 

ग्रामीण जनता आज भी परम्परा , कुरीतियों व अंधविश्वासों में जकड़ी हुई है । इसके कारण उनकी गतिशीलता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और जहाँ रोजगार उपलब्ध है , वे वहाँ भी नहीं पहुंच पाते । 

 

6. विकास की धीमी गति- 

पंचवर्षीय योजनाओं में विकास की दर लक्ष्य से नीची रही है , इससे रोजगार के अवसरों में अधिक वृद्धि नहीं हो पाई । 

 

7. पूँजी का अभाव- 

कृषकों की आय कम होने से बचत नहीं हो पाती । इससे पूँजी विनियोग नहीं हो पाता और रोजगार के अवसर कम हो जाते हैं । 

 

8. उद्योगों में मशीनीकरण- 

उद्योगों में उच्च तकनीकी मशीनों का उपयोग होने से मानव – श्रम की आवश्यकता कम होती है , इससे बेरोजगारी बढ़ती है । 

 

9. शिक्षितों का दोषपूर्ण दृष्टिकोण- 

देश में शिक्षितों की श्रम कार्य में रूचि नहीं होती । वे शारीरिक श्रम कार्य करने की अपेक्षा बेकार रहना पसन्द करते हैं । 

 

10. रोजगार मार्गदर्शन का अभाव- 

देश में रोजगार के इच्छुक व्यक्तियों को सूचना न मिलने से अवसरों की जानकारी नहीं होती । उन्हें सही मार्गदर्शन नहीं मिल पाता है । 

 

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