सामाजिक अंकेक्षण का आशय एवं महत्व समझाइए ।

उत्तर – 

 

क्र. कार्य योजनाएं
(1) जल संरक्षण एवं संवर्द्धन शैल पर्ण योजना
(2) वृक्षारोपण वन्या उपयोजना
(3) नहर निर्माण सहस्रधारा योजना
(4) सिंचाई निर्मल नीर योजना

 

सामाजिक अंकेक्षण से आशय – 

अंकेक्षण वह प्रक्रिया होती है , जिसके द्वारा कराए गए कार्यों का एवं उस पर किए गए व्यय विवरण की जाँच की जाती है । राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के सामाजिक अंकेक्षण के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर किये गये कार्यों , भुगतानों के विवरण , कार्य में कार्यरत मजदूरों की संख्या एवं सामग्री का विवरण सम्मिलित होता है । यदि किसी कार्य की जाँच का प्रावधान न हो , तो कार्य में शिथिलता आ जाती है तथा वित्तीय हिसाब – किताब में गड़बड़ियाँ , भ्रष्टाचार एवं अनियमित ताओं की संभावना बढ़ जाती है । लोगों की अज्ञानता का कई स्वार्थी लोग अनुचित लाभ उठाने लगते हैं । अतः भ्रष्टाचार , अनियमितताओं एवं योजना के क्रियान्वयन में शिथिलता से बचने के लिए योजना का सामाजिक अंकेक्षण एक अनिवार्य आवश्यकता होती है । 

 

अंकेक्षण का महत्व निम्नानुसार है 

 

  1. योजना में पारदर्शिता लाना- 

पारदर्शिता से आशय है कि योजना सम्पूर्ण तथ्यों की जानकारी सभी को हो । कोई भी बात जनता से छुपी न रहे । पारदर्शिता के कारण जो कुछ होता है , वह जनता के समक्ष खुली किताब के रूप में होता है । अतएव न तो जनता अंधकार में रहती है , और न ही योजना के क्रियान्वयन में कदाचरण का भय रह जाता है ।

 

  1. आमजन की भागीदारी बढ़ाने में सहायक – 

सामाजिक अंकेक्षण से योजना में आम लोगों की भागीदारी बढ़ती है । इसमें लक्षित समूह के साथ समूह – चर्चा एवं व्यक्तिगत साक्षात्कार के द्वारा योजना के क्रियान्वयन का विवरण प्राप्त करने का प्रावधान है । योजना सम्बन्धी कार्यों के दस्तावेजों की पुष्टि सभा में उपस्थित मजदूरों से कराने का प्रावधान हैं । साथ ही अनियमितताओं के लिखित नोट पर सम्बन्धित मजदूरों के हस्ताक्षर भी लिए जाते हैं । इस प्रकार सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया इस प्रकार रखी गई है कि योजना में आम ग्रामीण नागरिकों की भागीदारी बढ़ जाती है और वे योजना के प्रति सजग व सतर्क हो जाते हैं । 

 

  1. उत्तरदायित्व का बोध कराने में सहायक – 

ग्राम सभा एवं ग्राम पंचायतों को योजना के क्रियान्वयन का भार सौंपा गया है । मजदूरों की भागीदारी का प्रावधान भी रखा गया है । अतः सामाजिक अंकेक्षण उन्हें उनके उत्तरदायित्व के निर्वहन के लिए जागरूक बनाता है । 

 

  1. अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने में सहायक- 

सामाजिक अंकेक्षण लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने में सहायक होता है व उन्हें उनके अधिकारों का उपयोग करने में सक्षम बनाता है । 

 

  1. योजना को प्रभावशाली बनाने में सहायक – 

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में सामाजिक अंकेक्षण की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है । अंकेक्षण के कारण कार्यकर्ता में काम को ठीक से एवं समय पर पूरा करने का भय सा रहता है अथवा भय के स्थान पर कार्य को सही ढंग से निर्धारित अवधि में पूरा कर दिखाने का एक उत्साह बना रहता है व योजना का क्रियान्वयन उचित ढंग से होने लगता है 

 

  1. अनियमितताओं को नियंत्रित करने में सहायक- 

अंकेक्षण का सर्वाधिक महत्व योजना के उचित क्रियान्वयन एवं अनियमितताओं को नियंत्रित करने में है । समय – समय पर इनका अंकेक्षण होने से कार्यकर्ताओं को मजदूरों की संख्या , कार्य एवं कार्य के प्रकार , कार्यों पर किए गए व्यय राशि का सम्पूर्ण विवरण रखना पड़ता है , जिनकी अंकेक्षण के माध्यम से जांच की जाती है । जांच में खरा उतरना कर्ताधर्ताओं की जिम्मेवारी होती है । इसमें योजना का लाभ जिसे मिलना चाहिए , उसी को मिलता है । इससे योजना सफल होती है । 

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