वस्तु विनिमय प्रणाली क्या है तथा इसकी मुख्य समस्या क्या है ? इसकी दो प्रमुख कठिनाइयों को उदाहरण सहित लिखिए ।

उत्तर- प्राचीन युग का मनुष्य अपनी आवश्यकता की सभी वस्तुओं का उत्पादन स्वयं नहीं कर सकता था । परिणामस्वरूप उसने अपने द्वारा उत्पादित वस्तु का दूसरे व्यक्तियों द्वारा उत्पादित वस्तुओं से बदलना प्रारंभ किया । इसे वस्तु – विनिमय के रूप में जाना जाता है । संक्षेप में एक वस्तु से दूसरी वस्तु की अदला बदली करके आवश्यकताओं की पूर्ति करना ‘ वस्तु – विनिमय प्रणाली ‘ कहा जाता है । अदला – बदली या वस्तु विनिमय की यह प्रणाली काफी समय तक चलती रही । समय बदलने के साथ वस्तु विनिमय प्रणाली की अनेक कठिनाइयाँ सामने आई । इस प्रणाली में सबसे बड़ी कठिनाई यह थी कि कोई ऐसा व्यक्ति मिले , जो एक व्यक्ति द्वारा उत्पादित वस्तु को स्वीकार करे एवं बदले में उसकी आवश्यकता की वस्तु को उपलब्ध कराए । 

 

इसके लिए ऐसी वस्तुओं की खोज की गई , जो सभी व्यक्तियों को स्वीकार हो । प्रारंभ में गाय , बकरी , सीप मछली के काँटों , जानवरों की खाल , हाथी दाँत आदि को मुद्रा की इकाई के रूप में अपनाया गया । परन्तु इस व्यवस्था में भी अनेक कठिनाइयाँ सामने आई । उदाहरण के लिए , प्रमाणीकरण का अभाव , संचय की कठिनाई आदि । इससे धातुओं के उपयोग की प्रेरणा मिली । परिणामतः धातु का सिक्कों के रूप में उपयोग होने लगा , जिससे अनेक समस्याएं हल हो गई । 

 

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