ऊर्जा एवं परिवहन के महत्व की संक्षेप में व्याख्या कीजिए ?

उत्तर – ऊर्जा का महत्व – 

औद्योगीकरण के लिए प्राथमिक आवश्यकता ऊर्जा की होती है । उद्योग में लगी मशीने ऊर्जा द्वारा संचालित होती हैं । ऊर्जा के प्रमुख संसाधन कोयला , खनिज तेल , जल विद्युत आदि हैं । इसके अतिरिक्त अन्य साधन परमाणु ऊर्जा , ज्वारीय ऊर्जा , पवन ऊर्जा , भूतापीय ऊर्जा एवं सौर ऊर्जा है । आज भारी मशीनें , इस्पात , उद्योग , वायुयान , जलयान , मोटर वाहन , रेलगाड़ियाँ आदि के संचालन के लिए कोयला , पेट्रोल एवं विद्युत की सर्वाधिक महत्ता । यदि भारत ऊर्जा के पर्याप्त साधन विकसित कर सका , तो यह विश्व के सर्व प्रमुख औद्योगिक राष्ट्रों में से एक होगा । 

 

परिवहन का महत्व- 

आधुनिक औद्योगिक समाज के लिए परिवहन के साधन पहली आवश्यकता बन चुके हैं । इन साधनों में सबसे सरल , किन्तु प्रभावशील साधन ‘ सड़कें हैं । ये भारतीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ मानी जाती हैं , क्योंकि भारत के सभी क्षेत्रों में जितना सड़क साधनों का जाल बिछा है , उतना अन्य साधनों का नहीं । सड़कों के द्वारा कच्चे तथा तैयार माल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से और कम समय में भेजा जाता है । सड़क परिवहन के द्वारा कच्चा माल अलग – अलग फैक्ट्रियों से तैयार होकर बाजार में पहुंचाया जाता है । भारत की अर्थव्यवस्था आज भी सड़क परिवहन पर निर्भर हैं , अतः सड़कों को भारतीय अर्थव्यवस्था जीवन रेखा कहना युक्ति संगत है । भारत में सड़कों की लम्बाई 33 लाख किमी . है । इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय राजमार्ग , राज्य की सड़कें तथा कच्ची सड़कों आदि से देश का 66 % व्यापार व्यवसाय सड़क परिवहन से होता है ।

 

Leave a Comment