सेवा – क्षेत्र का आशय स्पष्ट कीजिए । सेवा छेत्र के महत्व की व्याख्या कीजिए ।

उत्तर – सेवा – क्षेत्र से आशय – 

अर्थव्यवस्था का वह क्षेत्र , जो अपनी सेवाओं के द्वारा उत्पादन प्रक्रिया में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग प्रदान करता है , सेवा – क्षेत्र कहलाता है । जैसे- परिवहन , विपणन , बैंकिंग , शिक्षा , स्वास्थ्य आदि । सेवा क्षेत्र का महत्व निम्नानुसार है 

 

1. सन्तुलित आर्थिक विकास- 

प्रत्येक देश में कुछ क्षेत्र तुलनात्मक दृष्टि से विकसित हो जाते हैं तथा कुछ क्षेत्र पिछड़े रह जाते हैं । परिवहन , संचार एवं वित्तीय सुविधाओं के विस्तार से पिछड़े क्षेत्रों का विकास होता है । सड़क एवं रेल मार्गों के निर्माण से पहाड़ी एवं दुर्गम स्थानों का भी विकास सम्भव होता है । इससे आर्थिक विकास के लाभ सभी क्षेत्रों के लोगों को प्राप्त होने लगते हैं । 

 

2. देश की सुरक्षा- 

देश की सुरक्षा में भी सेवा – क्षेत्र का महत्वपूर्ण स्थान है । सैनिकों को सीमाओं तक पहुँचाने और उनकी समुचित व्यवस्था करने के लिए यातायात एवं संचार साधनों की आवश्यकता होती है । सैन्य सामग्री पहुंचाने , सैनिकों के रहने – खाने की व्यवस्था करने , महत्वपूर्ण सूचनाएँ पहुंचाने आदि अनेक कार्यों में सेवा – क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है । 

 

3. राष्ट्रीय आय में योगदान- 

देश के आर्थिक विकास के साथ – साथ सेवा – क्षेत्र का महत्व क्रमशः बढ़ रहा है । आज शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण सभी में सेवा – क्षेत्र की गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं । यही कारण है कि राष्ट्रीय आय का आधे से अधिक भाग अब सेवा – क्षेत्र से प्राप्त हो रहा है 

 

4. विदेशी मुद्रा की प्राप्ति- 

पिछले कुछ वर्षों से सेवाओं के निर्यात से भी बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा प्राप्त हो रही है । जहाजरानी एवं हवाई सेवाओं के साथ – साथ पर्यटन एवं वित्तीय सेवाओं से भी हमें विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है । हाल ही के वर्षों में कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर , काल सेन्टर , शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्रों में भी काफी विकास हुआ है और इन सेवाओं से भी विदेशी मुद्रा प्राप्त हो रही है । आगे आने वाले वर्षों में सेवा – क्षेत्र से बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा प्राप्त होने की सम्भावना है । 

 

5. रोजगार अवसरों में वृद्धि – 

सेवा – क्षेत्र के विकास के साथ – साथ रोजगार अवसरों में भी वृद्धि होती जाती है व रोजगार हेतु नये क्षेत्रों का सृजन होता है । 

 

6. कृषि विकास में सहायक- 

सेवा – क्षेत्र कृषि हेतु वित्त उपलब्ध कराता है , फिर फसल सुरक्षा हेतु बीमा सुविधा उपलब्ध कराता है तथा उत्पादन परिवहन के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर पहुंचाता है । अतः सेवा – क्षेत्र का कृषि में महत्वपूर्ण योगदान होता है । 

 

Leave a Comment