भारत में सेवा – क्षेत्र के विस्तार के कारणों की व्याख्या कीजिए ?

उत्तर- भारत में सेवा – क्षेत्र के विस्तार के निम्नलिखित कारण हैं- 

 

( 1 ) स्वतंत्रता के बाद देश में पंचवर्षीय योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया इससे देश में सार्वजनिक क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ । देश में अनेक सेवाएँ , जैसे- चिकित्सालय , शैक्षणिक संस्थाएँ , डाक एवं तार , परिवहन , बैंक , बीमा कम्पनी , स्थानीय संस्थाएँ , सुरक्षा सेवाएँ , न्याय व्यवस्था आदि का विस्तार हुआ । फलतः स्वतंत्रता के बाद इन सेवाओं का विस्तार तेजी से हुआ और परिणामस्वरूप अर्थव्यवस्था में इनकी भागीदारी तेजी से बढ़ी है । 

( 2 ) देश में प्राथमिक एवं द्वितीयक क्षेत्रों का पिछले वर्षों में तेजी से विस्तार हुआ । औद्योगिक क्रान्ति के साथ – साथ देश में हरित क्रान्ति भी सफल रही । इससे परिवहन , व्यापार , भण्डारण , बैंकिंग जैसी सेवाओं की माँग में वृद्धि हुई और परिणामस्वरूप इन सेवाओं का देश में तेजी से विस्तार हुआ है । 

( 3 ) प्रायः यह देखा गया है कि जैसे – जैसे आय बढ़ती है , वैसे – वैसे व्यक्तियों द्वारा अनेक प्रकार की सेवाओं के उपयोग में वृद्धि होती है । आय में वृद्धि होने से व्यक्ति निजी अस्पताल , मँहगे स्कूल , बदलते हुए परिवेश के अनुसार नई – नई वस्तुओं की खरीदी , वाहनों का उपयोग आदि पर अधिक खर्च करने लगता है । शहरों के साथ – साथ गाँवों में भी सेवाओं की मांग में वृद्धि हुई है । फलतः देश में सेवा – क्षेत्र की भागीदारी में तेजी से वृद्धि हुई है । 

( 4 ) पिछले कुछ वर्षों में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी पर आधारित अनेक नई – नई सेवाएं जीवन के लिए आवश्यक हो गई हैं । इससे देश में उपभोग के साथ – साथ इन सेवाओं के उत्पादन में भी तीव्र वृद्धि हुई है । ट्यूब लाइटों , टेलीविजनों , केबल कनेक्शन , मोबाइल फोन , मोटर गाड़ियाँ , स्कूटर एवं मोटर साइकिल , कम्प्यूटर और इंटरनेट , कॉल सेन्टर आदि ने भारत में उपभोक्ता वस्तुओं के बाजार को बहुत अधिक विस्तृत कर दिया है । फलतः सेवाओं के योगदान में वृद्धि हुई है । 

( 5 ) वैश्वीकरण के परिणामस्वरूप भारतीयों पर पश्चिमी देशों का बहुत प्रभाव पड़ा है और उनकी सोच में परिवर्तन आया है । पहले सोच थी कि धन को बचाकर या गाड़कर रखा जाए । किन्तु आज भौतिकवाद पनप गया है । हर व्यक्ति सारी सुख – सुविधाएँ प्राप्त करना चाहता है । सिनेमा , खरीदारी , घर की सजावट , स्कूटर , कार आदि वस्तुएँ आवश्यक समझी जाने लगी हैं । आजकल छुट्टियां बिताने के लिए घूमने जाना आवश्यक समझा जाने लगा है । अतः बैंक , बीमा , पर्यटन , परिवहन , होटल आदि सभी प्रकार की सेवाओं की मांग बहुत अधिक बढ़ गई है । परिणामस्वरूप सेवा – क्षेत्र के योगदान में तेजी से वृद्धि हुई है । 

 

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