भारत में विद्युत की स्थिति पर प्रकाश डालिए ?

उत्तर- भारत में औद्योगीकरण , कृषि में यंत्रीकरण , शहरी जनसंख्या में वृद्धि एवं ग्रामों के विद्युतीकरण के कारण विद्युत की माँग में तेजी से वृद्धि हुई । स्वतंत्रता के बाद से ही विद्युत उत्पादन में वृद्धि के प्रयास किए गए और परिणामस्वरूप जहाँ वर्ष 1951 में केवल 2.3 हजार मेगावाट विद्युत का उत्पादन हुआ था , बढ़कर वर्ष 2005-06 में लगभग 143.8 हजार मेगावाट विद्युत का उत्पादन हुआ । किन्तु विद्युत का उत्पादन माँग की तुलना में कम रहा और देश में विद्युत संकट पैदा हो गया । वर्तमान में स्थिति यह है कि उद्योगों एवं कृषि पर्याप्त मात्रा में विद्युत प्राप्त नहीं हो रही है । शहरी तथा गाँवों में विद्युत् की सतत् पूर्ति नहीं होती । विद्युत् पूर्ति में वृद्धि करने के लिए अब निजी क्षेत्र को भी विद्युत् उत्पादन की अनुमति दे दी गई है । 

 

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