भारतीय संचार व्यवस्था पर टिप्पणी लिखिए ?

उत्तर- भारत में संचार व्यवस्था विश्व में सबसे बड़ी है । सर्वप्रथम देश में संचार सेवा की शुरुआत सन् 1837 में हुई , किन्तु इन सेवाओं का विस्तार स्वतंत्रता के बाद ही हुआ है । वर्ष 1991 से प्रारम्भ हुए आर्थिक सुधारों ने दूर संचार सेवाओं में क्रान्तिकारी परिवर्तन किए । निजी क्षेत्र की भागीदारी ने इस क्षेत्र को अभूतपूर्व विस्तार दिया । यही कारण है कि वर्ष 2006 के अन्त तक देश में टेलीफोन की संख्या 19 करोड़ हो गई और वर्ष 2007 के अन्त में यह संख्या 25 करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है मोबाइल सेट्स अब शहरी क्षेत्रों के साथ – साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत अधिक लोकप्रिय हो गए हैं । 

 

दूर संचार सेवाओं के विस्तार के परिणामस्वरूप भारत अब ज्ञान आधारित समाज की ओर तेजी से बढ़ रहा है । इंटरनेट एवं ब्राडबैंड ग्राहकों की संख्या में हो रही तेजी से वृद्धि इसका उदाहरण है । कम्प्यूटरों एवं संचार प्रौद्योगिकी के प्रचार – प्रसार ने डाक प्रणाली को भी आधुनिक बना दिया है । यही कारण है कि भारतीय डाक नेटवर्क अब विश्व के विकसित नेटवों में से एक है । भारत ने उपग्रह प्रणाली विकसित कर ली है तथा यह बहुउद्देश्यीय है । इसका उपयोग दूरसंचार के साथ – साथ मौसम की जानकारी , दूरदर्शन , आकाशवाणी आदि कार्यों में किया जाता है 

 

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