भारत की प्रमुख कृषि उपजों का वर्णन करते हुए कृषि विकास हेतु किए गए सरकारी प्रयासों का वर्णन कीजिए ।

उत्तर – 

(1) गेहूँ- 

उत्तर प्रदेश , पंजाब , हरियाणा , मध्यप्रदेश , बिहार , राजस्थान , महाराष्ट्र , पश्चिम बंगाल , उत्तराखंड तथा गुजरात । 

(2) चावल- 

पश्चिम बंगाल , उत्तरप्रदेश , पंजाब , आन्ध्रप्रदेश , छत्तीसगढ़ , मध्यप्रदेश , बिहार , तमिलनाडु , उड़ीसा व असम । 

(3) बाजरा- 

राजस्थान , महाराष्ट्र , तमिलनाडु , पंजाब , आन्ध्रप्रदेश , उत्तरप्रदेश , गुजरात , हरियाणा , कर्नाटक व मध्यप्रदेश । 

(4) जौ- 

उत्तरप्रदेश , राजस्थान , बिहार और पंजाब । 

(5) चना व दाले- 

मध्यप्रदेश , उत्तरप्रदेश , पश्चिम बंगाल , राजस्थान , महाराष्ट्र , पंजाब व कर्नाटक । 

(6) मक्का- 

कर्नाटक , आन्ध्रप्रदेश , उत्तरप्रदेश , राजस्थान , मध्यप्रदेश , बिहार और पंजाब । 

(7) तिलहन- 

राजस्थान , मध्यप्रदेश , महाराष्ट्र , गुजरात , आन्ध्रप्रदेश , बिहार , उड़ीसा , उत्तरप्रदेश व पश्चिम बंगाल । 

(8) मूंगफली- 

गुजरात , आन्ध्रप्रदेश , तमिलनाडु , कर्नाटक , महाराष्ट्र , मध्यप्रदेश , मूंगफली उत्पादन में भारत का विश्व में प्रथम स्थान है । 

(9) रेपसीड और सरसों- 

राजस्थान , उत्तरप्रदेश , हरियाणा । 

(10) सोयाबीन- 

मध्यप्रदेश , महाराष्ट्र , राजस्थान । 

(11) सूरजमुखी- 

कर्नाटक , आन्ध्रप्रदेश , महाराष्ट्र । 

(12) चाय- 

असम , पश्चिम बंगाल , तमिलनाडु , केरल , त्रिपुरा , हिमाचल प्रदेश व उत्तरप्रदेश । 

(13) कहवा- 

कर्नाटक , तमिलनाडु व केरल । 

(14) तम्बाकू- 

आन्ध्रप्रदेश , गुजरात , बिहार , उत्तरप्रदेश , महाराष्ट्र , पश्चिम बंगाल , तमिलनाडु व कर्नाटक । 

(15) गन्ना- 

उत्तरप्रदेश , तमिलनाडु , महाराष्ट्र , कर्नाटक , आन्ध्रप्रदेश , हरियाणा , पंजाब , बिहार व गुजरात । 

(16) कपास- 

गुजरात , महाराष्ट्र , आन्ध्रप्रदेश , हरियाणा , मध्यप्रदेश , पंजाब , कर्नाटक , राजस्थान व तमिलनाडु । 

(17) जूट और मेस्ता- 

पश्चिम बंगाल , बिहार , असम , आन्ध्रप्रदेश , महाराष्ट्र , मेघालय व उड़ीसा ।

 

कृषि विकास हेतु किए गए सरकारी प्रयास इस प्रकार हैं- 

(1) अधिक उपज देने वाले बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित की है

(2) रासायनिक उर्वरकों के उपयोग हेतु सहायता प्रदान की है । 

(3) कीटनाशक दवाओं के प्रयोग पर बल दिया है । 

(4) कृषि यंत्रीकरण के विस्तार हेतु प्रयत्न किए हैं । 

(5) लघु एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार किया है । 

(6) भूमि संरक्षण की नयी तकनीकों के प्रयोग को प्रोत्साहित किया है 

(7) कृषि उत्पादों के समर्थन मूल्य का निर्धारण किया है । 

(8) कृषि शोध एवं भूमि परीक्षण को बढ़ावा दिया है । 

(9) कृषि विपणन सुविधाओं में वृद्धि की है । 

(10) कृषि – वित्त एवं ऋण सुविधाओं का विस्तार किया है । 

(11) कृषि सम्बन्धी विभिन्न बीमा योजनाओं को लागू किया है । 

 

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