भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान स्पष्ट कीजिए ।

उत्तर- भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान इस प्रकार है –

(1) भारतीय कृषि से संसार की लगभग 17 प्रतिशत जनसंख्या का पोषण हो रहा है । कृषि हतारा 2/3 जनसंख्या का भरण पोषण करती है है । 

(2) भारतीय कृषि में देश की लगभग दो – तिहाई श्रमशक्ति लगी हुई है । इसके द्वारा अप्रत्यक्ष रूप में भी अनेक लोगों को रोजगार मिला है । लोग या तो दस्तकारी में लगे हैं या गाँवों में कृषि उत्पादों पर आधारित छोटे – मोटे उद्योग धंधों में लगे हैं । कृषि में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देने की सम्भावनाएँ छिपी हैं । 

(3) देश में वस्त्रों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कच्चे माल कृषि से ही मिलते हैं । कपास , जूट , रेशम , ऊन एवं लकड़ी की लुग्दी से ही वस्त्रों का निर्माण होता है । चमड़ा उद्योग भी कृषि क्षेत्र की ही देन है । कृषि उत्पादों को कच्चे माल के रूप में उपयोग करने वाले उद्योगों का आधार भी यही है । वस्त्र उद्योग , जूट उद्योग , खाद्य तेल उद्योग , चीनी एवं तम्बाकू उद्योग सभी कृषि उत्पादों पर आधारित हैं । कृषि उत्पादों पर आधारित आय में कृषि का योगदान लगभग 34 प्रतिशत है । 

(4) भारतीय कृषि देश की बढ़ती जनसंख्या का भरण – पोषण कर रही है । कृषि पदार्थों से ही भोजन में कार्बोहाइड्रेट , संतुलित आहार हेतु प्रोटीन , वसा , विटामिन आदि प्राप्त होते हैं । संक्षेप में , भारतीय कृषि देश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है । इसकी सफलता अथवा विफलता का प्रभाव देश की खाद्य समस्या , सरकारी आय , आंतरिक व विदेशी व्यापार , यातायात के साधनों तथा राष्ट्रीय आय पर प्रत्यक्ष रूप से पड़ता है । इसलिए कहा जाता है कि मानव जीवन में जो महत्व आत्मा का है , वही भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि का है । 

 

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