विदेशी व्यापार विभिन्न देशों के बाजारों के एकीकरण में किस प्रकार मदद करता है ? लिखिए ।

उत्तर- बढ़ते हुए विदेशी व्यापार के कारण विभिन्न देशों के बाजारों एवं उनमें बेची जाने वाली वस्तुओं में एकीकरण हुआ है । विदेशी व्यापार की बढ़ती हुई प्रवृत्ति ने अब विभिन्न देशों के बाजारों को बहुत निकट ला दिया है । उन्नत प्रौद्योगिकी ने इस निकटता में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है और सम्पूर्ण विश्व को एक महागाँव में बदल दिया है । विश्व के विकसित देशों में उत्पादित कैमरे , मोबाइल फोन और टेलीविजन के नवीनतम मॉडल सस्ते दामों में आज हमारे समक्ष उपलब्ध हैं । भारतीय सड़कों पर कुछ वर्षों पूर्व केवल एम्बेसेडर और फिएट कारें ही दिखाई देती थीं , किन्तु आज विश्व की सभी कम्पनियों द्वारा निर्मित कारें भारत में उपलब्ध हैं । 

 

यह स्थिति केवल कारों की ही नहीं हैं , वरन् विभिन्न देशों के कपड़े , फल , डिब्बे बन्द खाद्य पदार्थ जैसी वस्तुएँ भी भारत के बाजारों में उपलब्ध हैं । विदेशी व्यापार आज विश्व के देशों को परस्पर जोड़ दिया है । विश्व की अनेक बड़ी कम्पनियाँ , जिन्हें बहुराष्ट्रीय कम्पनियों कहा जाता है , अपने उत्पादों की बिक्री अनेक देशों में करती हैं यहाँ यह उल्लेखनीय है कि एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी वह है , जो एक से अधिक देशों में उत्पादन करती है । ये कम्पनियाँ बड़े पैमाने पर उत्पादन करती हैं और उत्पादित वस्तुओं को अनेक देशों में बेचती हैं । बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ केवल वैश्विक स्तर पर ही अपने उत्पादन नहीं बेचतीं , वरन् अधिक महत्वपूर्ण यह है कि वे वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन विश्व स्तर पर करती हैं । 

 

उदाहरण के लिए औद्योगिक उपकरण बनाने वाली एक बड़ी बहुराष्ट्रीय कम्पनी अमेरिका के अनुसंधान केन्द्र में अपने उत्पादों का डिजाइन तैयार करती है । उसके पुर्जे सस्ते श्रम होने के कारण चीन में बनते हैं । फिर इन पुजों को लादकर मेक्सिको और पूर्वी यूरोप ले जाया जाता है , जहाँ इन्हें जोड़ा जाता है । इसी बीच , कम्पनी की ग्राहक सेवा का भारत स्थित कॉल सेंटरों के माध्यम से संचालन होता है । इस प्रकार स्पष्ट है कि विदेशी व्यापार विभिन्न देशों के बाजारों के एकीकरण में मदद करता है । 

 

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