राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उद्योगों के योगदान का वर्णन कीजिए ।

उत्तर- उद्योगों का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान – औद्योगिक आयोग के अनुसार ईसा से पूर्व भी भारत एक औद्योगिक देश था । भारत में निर्मित , मलमल , रेशमी कपड़ा , आभूषण आदि विदेशों को निर्यात किए जाते थे , परन्तु 18 वीं शताब्दी के मध्य में यूरोप में हुई औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप यहाँ के परम्परागत कुटीर उद्योग को भारी क्षति हुई । भारत की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उद्योगों का स्थान धीरे – धीरे सीमित होता गया और भारतीय अर्थव्यवस्था कृषि प्रधान हो गई । स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद देश के आर्थिक विकास हेतु औद्योगिक विकास की आवश्यकता को महसूस किया गया । सन् 1950 में ‘ राष्ट्रीय योजना आयोग ‘ की स्थापना हुई । पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से भारत के औद्योगिक विकास हेतु चरण बद्ध लक्ष्य तक किए गए । राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उद्योगों के बढ़ते योगदान से निम्नांकित उद्देश्यों की पूर्ति संभव हुई- 

 

( 1 ) उद्योगों से उत्पादन में वृद्धि होती है जिससे प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि होती है और जीवन – स्तर उन्नत होता है । 

( 2 ) रोजगार के साधनों में वृद्धि होती है तथा मानव संसाधन पुष्ट होते हैं । 

( 3 ) राष्ट्रीय आय में वृद्धि तथा पूँजी का निर्माण होता है । 

( 4 ) उद्योगों के बढ़ते योगदान से अर्थव्यवस्था के अन्य खण्ड – कृषि , खनिज , परिवहन आदि में प्रगति होती हैं । 

( 5 ) अनुसंधानों को बल मिलता है तथा तकनीकी विकसित होती है । 

 

 

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