औद्योगिक प्रदूषण को नियन्त्रित करने के उपाय बताइए ?

उत्तर- वायु प्रदूषण नियन्त्रण के उपाय- 

( 1 ) कल – कारखानों की चिमनियों उनसे निकलने वाली हानिकारक गैसों के प्रभाव को कम किया जा सकता है । 

( 2 ) उद्योगों में कम प्रदूषण करने वाली प्रौद्योगिकी को अपनाया जाना चाहिए । 

( 3 ) उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रक उपकरण लगाए जाने चाहिए । 

( 4 ) कारखाने की स्थापना से पूर्व ही प्रदूषण का अनुमान लगाकर उसको नियंत्रित करने के साधन , जैसे – वनस्पति आवरण आदि कारखाना – परिसर में विकसित किया जाना चाहिए । 

 

जल प्रदूषण नियंत्रण के उपाय- 

( 1 ) रासायनिक उद्योग , जो कि जल को सर्वाधिक प्रदूषित करते हैं , को जलाशयों व नदियों से दूर स्थापित किया जाना चाहिए । 

( 2 ) उद्योगों में प्रयोग किए गए जल को जलाशय व नदियों में सीधे विसर्जित नहीं करना चाहिए । बल्कि इस जल का उपचार कर इसे सिंचाई के उपयोग में लाना चाहिए । 

( 3 ) उद्योगों में प्रयोग किए गए जल के उपचार की व्यवस्था कारखाने की स्थापना के साथ ही की जानी चाहिए । 

( 4 ) सड़क के किनारे तथा कारखानों के निकट खाली स्थानों पर वृक्ष लगाए जाने चाहिए । 

 

भू – प्रदूषण नियंत्रण के उपाय- 

( 1 ) औद्योगिक अपशिष्टों के निक्षेपण की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए । अपशिष्ट निक्षेपण खुले स्थानों में नहीं होना चाहिए । 

( 2 ) अपशिष्टों को आधुनिक तकनीक से जलाकर उससे उत्पन्न ताप को ऊर्जा के रूप में प्रयोग किया जा सकता है । इससे अपशिष्ट का लगभग 80 % भाग नष्ट हो जाता है तथा अपशिष्ट के जलने से उत्पन्न वायु प्रदूषण को भी नियन्त्रित किया जा सकता है । 

( 3 ) अपशिष्ट से कम्पोस्ट खाद बनाकर उसे उपयोगी बनाया जा सकता है । 

( 4 ) औद्योगिक संस्थानों को अपने अपशिष्ट पदार्थों को बिना उपचार किए विसर्जित करने से रोका जाना चाहिए । 

 

ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के उपाय-

(1) कल – कारखानों को शहर से दूर स्थापित करना चाहिए ।

( 2 ) उद्योगों द्वारा उत्पन्न शोर को कम करने के लिए नवीन तकनीक का प्रयोग किया जाना चाहिए । इसके लिए शोर – शोषक दीवारें भी बनाई जा सकती हैं । 

( 3 ) उद्योगों में मशीनों का रखरखाव सही करके , मशीनों का शोर कम किया जा सकता है । खराब मशीनें शोर अधिक करती हैं । 

( 4 ) अधिक शोर उत्पन्न करने वाले कारखानों में श्रमिकों को कर्ण बन्दकों का प्रयोग अनिवार्य कर देना चाहिए ।

 

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