परिवहन के साधन मानव सभ्यता की प्रगति के पथ प्रदर्शक कैसे हैं ? लिखिए ।

उत्तर- आधुनिक औद्योगिक समाज के लिए परिवहन व संचार के साधन अनिवार्य आवश्यकता बन गये हैं । ज्यों – ज्यों मानव सभ्यता की ओर अग्रसर होता गया , परिवहन का इतिहास मानव सभ्यता का इतिहास बनता गया । अतः परिवहन के साधन मानव सभ्यता की प्रगति के पथ प्रदर्शक बन गये हैं । इसे आगे अंकित बिन्दुओं से स्पष्ट किया जा सकता है 

( 1 ) सड़कें , रेलें , जलमार्ग , वायुमार्ग एवं इनके साधन मण्डी के लिए कृषि उपजें , उद्योगों के लिए कच्चामाल , उपभोक्ताओं के लिए तैयार माल , व्यापारियों के दूरस्थ माल आदि सुलभ कराते हैं । हमारी छोटी – छोटी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति इन साधनों से ही सम्भव होती है । 

( 2 ) परिवहन के साधन भारतीय राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ आधार प्रदान करते हुए सद्भाव एवं भाईचारे को जागृत कर देश को एकता के सूत्र में बाँधने का कार्य भी करते हैं । भारत के विस्तृत विस्तार , आर्थिक , सांस्कृतिक तथा सामाजिक बहुलता एवं विविधता , भाषायी , सांस्कृतिक तथा वैचारिक एवं भौगोलिक दूरी से राष्ट्रीय एकता के खंडित होने का खतरा लगातार बना रहता है । परिवहन के साधन वैचारिक व भौगोलिक टूरियों को सीमित करके राष्ट्रीय एकता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । 

( 3 ) परिवहन के साधनं राष्ट्रीय प्रगति व समृद्धि के सूचक हैं । इनसे ही माल व यात्री की ढुलाई नियमित , विश्वसनीय व तीवग्रामी होती है । 

( 4 ) परिवहन व संचार के द्रुतगामी व सक्षम साधनों के द्वारा दुनिया बहुत छोटी हो गयी है । किसी एक देश के बाजारों में हुए परिवर्तन का प्रभाव अन्य देशों के बाजारों पर अवश्य पड़ता है । दुनिया के लोगों की परस्पर निर्भरता को परिवहन के साधन सुलभ बना देते हैं । 

 

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