मौसम मानचित्र से प्राप्त पूर्वानुमान कहाँ अत्यधिक उपयोगी है ? मौसम मानचित्रों का महत्व लिखिए ।

उत्तर- मौसम मानचित्र से प्राप्त पूर्वानुमान अतिवृष्टि , अनावृष्टि , भूकम्प , ओलावृष्टि , तूफान एवं हिमपात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से जनसाधारण को संरक्षित करने में अत्यधिक उपयोगी होते हैं । साथ ही ये पूर्वानुमान नौ – संचालन , वायुयान की सुरक्षित उड़ान , कृषि के विकास आदि में भी उपयोगी होते हैं । 

 

मौसम मानचित्रों का महत्व- 

( 1 ) मौसम मानचित्रों की सहायता से मौसम का पूर्वानुमान लगाया जाता है । इसे समाचार पत्रों एवं आकाशवाणी के माध्यम से प्रसारित कर , अतिवृष्टि , अनावृष्टि , भूकम्प , ओलावृष्टि , तूफान एवं हिमपात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से जन सामान्य को सुरक्षित करने का प्रयास किया जाता है । 

( 2 ) मौसम मानचित्र से प्राप्त पूर्वानुमान नौ – संचालन , वायुयान की सुरक्षित उड़ान , अकाल के दुष्प्रभावों एवं कृषि की सही देखभाल में मदद करते हैं । इस प्रकार उपर्युक्त तों के आधार पर कहा जा सकता है कि मौसम मानचित्र न केवल जन साधारण को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सचेत करते हैं , वरन् उनसे बचने के लिए आवश्यक जानकारी भी प्रदान करते हैं । 

 

इन मौसम मानचित्रों की सहायता से जन – सम्पदा की क्षति को कम किया जा सकता है । इसके अतिरिक्त मौसम मानचित्र जल , थल व वायु परिवहन के लिए भी उपयोगी सिद्ध होते हैं । इन मानचित्रों की सहायता से सभी प्रकार का परिवहन सुव्यवस्थित रूप से संचालित होता है । ये मानचित्र भारत जैसे कृषि प्रधान देश हेतु और महत्वपूर्ण हो जाते हैं । इन मौसम मानचित्र की सहायता से कृषि कार्यों में विकास सम्भव होता है । कृषि उन्नत होती है व प्राकृतिक आपदा से रक्षा होती है । इस प्रकार यह स्पष्ट है कि मौसम मानचित्रों का बहुत महत्व होता है ।

 

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