सूखा और बाढ़ में क्या सामान्य है ? किस प्रकार उचित योजना के द्वारा सूखे और बाढ़ की स्थितियों को नियन्त्रित किया जा सकता है ? विवेचना कीजिए ।

उत्तर- सूखा और बाढ़ में सूखा सामान्य है , क्योंकि सूखे की स्थिति में कोई संरचनात्मक क्षति नहीं होती है । सूखा पड़ने पर फसल का न होना एक सामान्य घटनाक्रम है , जबकि बाढ़ से बहुत क्षति होती है । बाढ़ के कारण जन व धन दोनों की हानि होती है व जीवन स्थिति असामान्य हो जाती है । अतः बाढ़ व सूखे में सूखे की स्थिति सामान्य है । 

 

सूखे की स्थिति को नियन्त्रित करने हेतु उपाय- 

 

( 1 ) सूखे की स्थिति पर निगाह रखी जानी चाहिए । निगाह रखने का आशय है कि वर्षा की स्थिति जलाशयों , झीलों , नदियों में पानी की उपलब्धता पर दृष्टि रखना और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की मौजूदा माँग के साथ तुलना करना तथा जल संग्रहण को बढ़ावा देना चाहिए । 

( 2 ) जल आपूर्ति बढ़ाने और घरों तथा किसानों के खेतों में वर्षा के पानी को संग्रह करने से उपलब्ध पानी की मात्रा बढ़ जाती है । सभी खेतों में बह रहे जल को एक स्थान पर इकट्ठा किया जाना चाहिए । जहाँ पर पानी गिरता है , उसे मिट्टी में रिसने दिया जाए । 

( 3 ) सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना चाहिए , जिससे सूखे से असुरक्षा को कम किया जा सके । 

( 4 ) आजीविका आयोजना के अंतर्गत सूखे के प्रभाव को कम करने के लिए खेती से हटकर रोजगार के अवसर बढ़ाना चाहिए । 

 

बाढ़ की स्थिति नियन्त्रित करने हेतु उपाय- 

 

( 1 ) नदियों के ऊपरी क्षेत्रों में जलाशयों का निर्माण किया जाना चाहिए । 

( 2 ) नदियों के ऊपरी जल संग्रहण क्षेत्रों में सघन वृक्षारोपण किया जाना चाहिए । 

( 3 ) मैदानों में अनुपयुक्त भूमि में जल संग्रहण करना चाहिए । 

( 4 ) तटबन्धों की सुरक्षा की ओर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए । 

( 5 ) वनों का विकास करना चाहिए एवं वनों के विनाश पर नियन्त्रण करना चाहिए । 

 

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