सामान्य आपदाओं से क्या तात्पर्य है ? प्रमुख सामान्य आपदाओं का वर्गीकरण करते हुए उनके कारण , प्रभाव और बचाव के उपार्यों को स्पष्ट कीजिए ।

उत्तर- सामान्य आपदाओं से तात्पर्य उन आपदाओं से है , जो मानव जीवन में सामान्यतः मानव की लापरवाही के कारण उत्पन्न होती है । जैसे- आग लगना , सड़क दुर्घटना होना आदि । 

 

प्रमुख सामान्य आपदाएँ निम्नलिखित हैं –

1. आग लगना- 

आग लगने के कई कारण होते हैं बिजली के हीटर , खाना पकाते समय होने वाली दुर्घटनाएं , बिजली की वाइरिंग क्षमता से अधिक भार , कमजोर वाइरिंग , कूड़ा – कर्कट में लगी आग , आगजनी , बारूदी पदार्थ आदि । आग लगने से जन व धन दोनों की हानि होती है । 

 

आग से बचाव के उपाय- 

( 1 ) आग से बचाव के बुनियादी नियम और बाहर जाने का रास्ता सदैव ध्यान रखना चाहिए । 

( 2 ) घर के भीतर अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ नहीं रखना चाहिए । 

( 3 ) घर में एक अग्निशमन यंत्र अवश्य चाहिए । घर के प्रत्येक सदस्य को इसके इस्तेमाल का तरीका आना चाहिए । 

( 4 ) जब घर से बाहर जाएँ तो बिजली और गैस के सभी उपकरण बन्द करके जाना चाहिए । 

( 5 ) बिजली के एक ही सॉकेट में बहुत सारे उपकरण नहीं लगाना चाहिए । 

( 6 ) आग लगने पर दमकल विभाग को बुलाएँ । उन्हें अपना पता तथा आग की प्रकृति और स्थान की सूचना देना चाहिए । 

 

2. सड़क दुर्घटनाएँ – 

सड़क व्यवस्था बेहतर सम्पर्क और सेवा के लिए बनाई जाती है , लेकिन वाहन चालकों जल्दबाजी व लापरवाहियों के कारण सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ती जा रही हैं । इसके प्रमुख कारण ये हैं- 

( अ ) यातायात नियमों का उल्लंघन । 

( ब ) तेज गति से गाड़ी चलाना । 

( स ) शराब पीकर गाड़ी चलाना 

( द ) वाहनों तथा सड़कों के रखरखाव में कमी । 

 

सड़क दुर्घटना से बचाव के उपाय- 

( 1 ) वाहन तभी चलाएँ , जब आप उसके लिए पर्याप्त सक्षम हों । 

( 2 ) सड़क पर सुरक्षित रहने का सबसे बढ़िया तरीका है , अपनी लेन में चलने के नियम का पालन करें । 

( 3 ) सड़क संकेतों की जानकारी रखें तथा उनका पालन करें । 

( 4 ) बारिश के मौसम में वाहन चलाने में सावधानी रखें । 

( 5 ) वाहन चलाते समय गति को अचानक तेज या कम न करें । 

( 6 ) अपने वाहन निर्माता द्वारा बताई गई गति पर वाहन चलाएँ । 

( 7 ) सड़क पार करते समय सड़क के दोनों तरफ देखें । 

 

3. रेल दुर्घटनाएँ – 

रेल दुर्घटनाएँ रखरखाव की कमी , मानवीय त्रुटि अथवा तोड़ – फोड़ की कार्यवाही के कारण पटरी से उतरने से होती है । रेल दुर्घटनाओं से सुरक्षा के उपाय इस प्रकार हैं- 

( 1 ) रेल्वे क्रासिंग पर सिग्नल और स्विंग बैरियर का ध्यान रखें । उनके नीचे से निकलकर क्रासिंग को पार करने की कोशिश न करें । 

( 2 ) यदि क्रासिंग पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं है , तो पटरी पार करने से पूर्व वाहन से उतरकर पटरी के दोनों तरफ दृष्टि डालें । 

( 3 ) ज्वलनशील सामग्री लेकर न चलें । रेलगाड़ी में बीड़ी , सिगरेट नहीं पीना चाहिए । 

( 4 ) रेलगाड़ी में सफर करते समय दरवाजे पर न खड़े हों और न ही बाहर की तरफ झुकें । 

( 5 ) आपातकालीन खिड़की का दुर्घटना के समय बाहर निकलने हेतु उपयोग करें । आपातकालीन चेन को बिना जरूरत के न खींचें । 

 

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