भूकम्प क्यों आते हैं ? भारत के भूकम्प प्रभावित क्षेत्र लिखिए ।

उत्तर- भूकम्प आपदा- भूकम्प एक ऐसा संकट है , जो अचानक प्रभावित करता है । भूकम्प किसी भी समय , अचानक बिना किसी चेतावनी के आता है । भूकम्प वह घटना है , जिसके द्वारा भूपटल में हलचल पैदा होती है तथा कम्पन होता है । यह कम्पन तरंग के रूप में होता है । जैसे – जैसे ये तरंगें केन्द्र से दूर जाती हैं , उनकी शक्ति एवं तीव्रता का ह्रास होता है । भूकम्प का प्रभाव दो रूपों में होता है । प्रथम प्रभाव उत्पत्ति केन्द्र के चारों तरफ तरंगों के द्वारा प्रसारित होता है यह क्षैतिज प्रभाव होता है । दूसरा प्रभाव धरातलीय भागों ऊपर तथा नीचे की तरफ लम्बवत् रूप से होता है । भूकम्प का यह रूप अत्यन्त विनाशकारी होता है । जहाँ से भूकम्प की शुरूआत होती है , उस स्थान को भूकम्प का केन्द्र कहते हैं । 

 

धरातल पर सर्वप्रथम भूकम्प लहरों एवं हलचलों का अनुभव होता है । भूकम्प केन्द्र से जो लहरें प्रसारित होती हैं , उन्हें भूकम्प लहरें कहते हैं । भूकम्प की तीव्रता और परिमाण का मापन रियेक्टर पैमाने पर किया जाता है । ऐसा समझा जाता है कि पृथ्वी की सतह बड़ी – बड़ी प्लेटो से बनी हैं । ये प्लेटें पृथ्वी की आंतरिक गर्मी के कारण एक – दूसरे की तरफ खिसकती हैं । इनके खिसकने अथवा फैलने से भूकम्प आता है । भारत में भूकम्प प्रभावित क्षेत्र – देश में सबसे अधिक भूकम्प प्रभावित क्षेत्र हैं- हिमालय , जिसके अंतर्गत हिमाचल प्रदेश , उत्तराखंड , उत्तर बिहार तथा पूर्वोत्तर भारत शामिल हैं । इसके अतिरिक्त कच्छ एवं कोकण तट भी अधिक खतरा प्रभावित क्षेत्र हैं । मध्यभारत , राजस्थान , महाराष्ट्र , कर्नाटक , उड़ीसा , तमिलनाडु , आंध्रप्रदेश , झारखंड तथा छत्तीसगढ़ भूकम्प से कम प्रभावित क्षेत्र है । देश के अन्य भाग मध्यम खतरनाक क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं ।

 

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