1857 की क्रांति के मुख्य कारणों का उल्लेख कीजिए ?

उत्तर- भारत में अंग्रेजों के शोषण के विरूद्ध 1857 ई . में क्रांति हुई , जिसने अंग्रेजी राज्य की जड़ें हिला दी । इस क्रांति के तात्कालिक कारण निम्नलिखित थे –

 

1. आर्थिक शोषण – 

अंग्रेजों के भारत में आने से भारतीयों की दशा खराब हो गई थी । किसानों पर अधिक कर लगा दिये , जिससे उनकी कमर ही जैसे टूट गई । औद्योगिक नीति से देश के दस्तकार बेकार हो गए । इंग्लैण्ड का माल भारत में बड़ी मात्रा में बिकने के लिए पूरी तरह प्रोत्साहित किया गया । पीड़ित किसान व दस्तकार बेकार हो गए । वे इंग्लैण्ड के खिलाफ आंदोलन करने व उनकी जड़ें उखाड़कर फेंकने के लिए संघर्ष में कूद पड़े । सारा व्यापार भी अंग्रेजों ने अपने हाथों में ले लिया , जिससे जन – असंतोष बढ़ गया , जो अंग्रेजों के विरुद्ध स्वाभाविक था । 

 

2. राजनीतिक कारण- 

राजनीतिक भ्रष्टाचार व दूषित कानून भी जन – असंतोष का एक कारण था । सभी प्रशासनिक स्तरों पर जन – असंतोष था । पुलिस , छोटे अधिकारी वर्ग व न्यायालय में खुलेआम घूस चलती थी । इसके अतिरिक्त भारतीय शासकों में भी असंतोष था । पंजाब , अवध तथा सिंध को उन्होंने हथिया लिया और जब अंग्रेजों ने झाँसी व दिल्ली पर भी अपना अधिकार कर लिया , तो देशी राजाओं ने सोच लिया कि अब तो उनका अस्तित्व ही समाप्त हो जायेगा । न्याय में पक्षपात होता था । भारतीयों को ब्रिटिश प्रशासन में जानबूझ कर ऊँचे पदों से दूर रखा जाता था । नौकरी में भी हिन्दू लोगों को वेतन कम देते थे , जबकि अंग्रेजों को अधिक देते थे । 

 

3. सामाजिक कारण – 

अंग्रेज भारतीयों को निम्न लोग समझकर उनसे घृणा करते थे । वे भारतीयों को कायर तथा काला सूअर कहते थे । रेल के डिब्बों में वे भारतीयों के साथ यात्रा करना पसंद नहीं करते थे । इसके अलावा अंग्रेजों ने सामाजिक सुधार हेतु कानून बनाये , जैसे- सती – प्रथा को कानूनी अपराध बताया गया तथा विधवा पुनर्विवाह को कानूनी अनुमति दी । अंग्रेजों के इन कार्यों को भारतीय रूढ़िवादियों ने शक की दृष्टि से देखा । शिक्षा व भाषा से भी भारतीय असंतुष्ट थे । 

 

4. सैनिक कारण- 

ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने अपने साम्राज्य विस्तार के लिए एक विशाल सेना बनाई । उन्होंने अपनी सेना में भारतीयों को भी भर्ती किया , लेकिन भारतीय सैनिकों को कोई सम्मान नहीं दिया जाता था । 1857 ई . के विद्रोह के अन्य सैनिक कारण जैसे भारतीय सैनिकों को अंग्रेज घृणा की दृष्टि से देखते थे , कम्पनी के ऊँचे पदों पर केवल यूरोपियन को ही लिया जाता था भारतीय सैनिकों को वेतन कम मिलता था तथा लार्ड डलहौजी ने अनेक देशी रियासतों को अंग्रेजी राज्य में मिला दिया , जैसे- अवध और वहाँ की सैनिक पलटनें तोड़ दी । इस कारण बहुत सैनिक असंतुष्ट थे । सैनिक काफी तादाद में बेकार हो गये । अपमानजनक वातावरण में भारतीयों का अंग्रेजों के विरुद्ध होना स्वाभाविक था 

 

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