आजाद हिन्द फौज की स्थापना क्यों की गई थी ? भारत की स्वतन्त्रता के लिए उसके योगदान को लिखिए ।

उत्तर – द्वितीय विश्व युद्ध का लाभ लेकर देश को आजाद कराने की दृष्टि से सन् 19413 सुभाषचन्द्र बोस ब्रिटिश पुलिस को चकमा देकर देश से बाहर निकले और पेशावर , मास्को , बर्लिन होते हुए जापान पहुंचे । सुभाषचंद्र बोस को यह विश्वास था कि दक्षिण – पूर्वी एशिया में उनकी योजनाएँ पूर्ण रूप ले सकती हैं , अतः उन्होंने आजाद हिन्द फौज का गठन किया तथा उसके प्रधान बनने में सफल हुए । सुभाषचन्द्र बोस भारतीय स्वतन्त्रता लीग से भी जुड़े । इस कार्य में उन्हें प्रसिद्ध क्रांतिकारी रासबिहारी बोस का सहयोग प्राप्त हुआ । सन् 1943 में सुभाषचन्द्र बोस ने आजाद हिन्द फौज के सेनापति की हैसियत से स्वतन्त्र भारत की अस्थायी सरकार सिंगापुर में बनायी तथा देश की स्वतन्त्रता हेतु अपने खून की आखिरी बूंद भी बहा देने की शपथ ली । सुभाषचन्द्र बोस ने भारत – बर्मा सीमा पर युद्ध आरम्भ किया । फरवरी 1944 में आजाद हिन्द फौज ने अंग्रेजों पर आक्रमण कर.रामू , कोहिमा , पलेम , तिदिम आदि को अंग्रेजों से मुक्त कराया । अप्रैल , 1944 में आजाद हिन्द फौज ने इम्फाल को घेर लिया , परन्तु वर्षा के आधिक्य और रसद की कमी के कारण उन्हें लौटना पड़ा । मई 1944 से जर्मनी और जापान की स्थिति कमजोर होने लगी । आजाद हिन्द फौज अभाव और निराशा की मनःस्थिति में बिखरने लगी । यद्यपि सुभाषचन्द्र ने सेना में पुनः जोश भरने का प्रयास किया , तथापिवे असफल रहे । 

 

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