साइमन कमीशन क्या था ? समझाइए ।

उत्तर -1919 के भारत सरकार के अधिनियम के अनुसार अगले दस वर्षों में संवैधानिक परिवर्तनों के प्रश्न पर पुनर्विचार किया जाना था । नवम्बर 1927 में ब्रिटिश सरकार ने उपर्युक्त अधिनियम की सफलता पर विचार करने तथा आवश्यक परिवर्तनों के सुझाव देने के लिए साइमन कमीशन का गठन किया । इस कमीशन में एक भी भारतीय नहीं था , इस आयोग से जिन बातों पर विचार करने को कहा गया , उनसे भारतीय जनता को स्वराज पा सकने की जरा भी आशा नहीं हुई । फरवरी , 1928 में साइमन कमीशन भारत पहुँचा । एक देशव्यापी हड़ताल ने उसका स्वागत किया । केन्द्रीय विधानसभा के अधिकतर सदस्यों तक ने कमीशन का बहिष्कार किया । कमीशन के विरोध के लिए . पूरे देश में कमेटियां बनाई गई , ताकि जहाँ भी वह जाए , उसके खिलाफ प्रदर्शनों और हड़तालों का आयोजन किया जा सके । हड़तालियों का नारा था- ‘ साइमन , वापस जाओ ‘ अनेक जगहों पर पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को पीटा । पंजाब में विरोध का नेतृत्व लाला लाजपत राय ने किया । अंग्रेजों के लाठीचार्ज के फलस्वरूप लाला लाजपत राय घायल हो गए और बाद में उनका देहांत हो गया । अंत में साइमन कमीशन वापस चला गया ।

 

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