जल संसाधन के प्रमुख स्रोत क्या हैं, जल संसाधन का मानव जीवन में क्या महत्व है ?

जल संसाधन के प्रमुख स्रोत निम्नलिखित हैं 

1. पृष्ठीय जल – 

नदियों , झीलों व छोटे – बड़े जलाशों का जल ‘ पृष्ठीय जल ‘ कहलाता है । पृष्ठीय जल के प्रमुख स्रोत नदियाँ , झीलें , तालाब आदि हैं । भारत में नदियां व सहायक नदियाँ देश के हर भाग में पाई जाती हैं ।

2. भौम जल- 

वर्षा – जल का कुछ भाग भूमि द्वारा सोख लिया जाता है , जिसे ‘ भौम जल ‘ कहते हैं । इसका 60 प्रतिशत भांग ही मिट्टी की ऊपरी सतह तक पहुंचता है । कृषि व वनस्पति उत्पादन में इसका योगदान महत्वपूर्ण होता है । शेष सोखा हुआ जल धरातल के नीचे अभेद्य चट्टानों तक पहुँचकर एकत्र हो जाता है । इसे कुओं व ट्यूबवेलों के द्वारा धरातल पर लाया जाता है तथा मानवीय उपयोग के अतिरिक्त कृषि भूमि की सिंचाई , बागवानी , उद्योग आदि के लिए उपयोग किया जाता है । 

3. वायुमंडलीय जल – 

वायुमण्डलीय जल वाष्प रूप में होता है । अतः इसका उपयोग नहीं हो पाता है । 

4. महासागरीय जल- 

देश के पश्चिम , पूर्व व दक्षिण में क्रमशः अरब सागर , बंगाल की खाड़ी और हिन्द महासागर है । इस जल का उपयोग मुख्यतः जलपरिवहन और मत्स्योद्योग में होता है । 

 

जल संसाधन का मानव जीवन में महत्व – 

जल का उपयोग मुख्यतः पीने , भोजन बनाने , सफाई हेतु तथा सिंचाई , जलविद्युत उत्पादन , उद्योग , परिवहन , मनोरंजन आदि के लिए होता है । जल का सर्वाधिक उपयोग सिंचाई के लिए किया जाता है । जल एक मूल्यवान सम्पदा है । इससे हमारी मूलभूत आवश्यकताएँ पूर्ण होती हैं । पृथ्वी पर जीवन का आधार जल ही है । वनस्पति एवं जीव – जन्तुओं के शरीर में जल का अंश प्रधान होता है । मनुष्य के शरीर में 70 प्रतिशत जल होता है । अतः जल संसाधन का मानव – जीवन में बहुत महत्व है । 

 

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