MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 14 प्रजातन्त्र के समक्ष प्रमुख चुनौतियाँ

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MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 14 प्रजातन्त्र के समक्ष प्रमुख चुनौतियाँ

 

MP Board Class 10th Social Science Chapter 14 पाठान्त अभ्यास

 

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Social Science Chapter 14 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

सही विकल्प चुनिए 

 

( 1 ) जनसंख्या की दृष्टि से भारत का विश्व में स्थान कौन – सा है ? 

( i ) तीसरा 

( ii ) दूसरा 

( iii ) सातवाँ 

( iv ) पाँचवाँ । 

 

( 2 ) आतंकवादी किन माध्यमों से अपनी गतिविधियाँ संचालित करते हैं ? 

( i ) शान्ति वार्ता 

( ii ) शिक्षा 

( ii ) राजनीति 

( iv ) हत्या , अपहरण । 

 

( 3 ) नशामुक्ति के लिए मद्यनिषेध अभियान किसने चलाया था ? 

( i ) जवाहरलाल नेहरू ने 

( ii ) महात्मा गाँधी ने 

( i ) स्वामी विवेकानन्द ने 

( iv ) लाल बहादुर शास्त्री ने । 

 

( 4 ) हाईस्कूल पास करने के बाद छात्रों की शिक्षा में बेरोजगारी दूर करने की दृष्टि से किस बात पर जोर देना चाहिए ? 

( i ) व्यवसायिक शिक्षा 

( ii ) आध्यात्मिक शिक्षा 

( ii ) राजनैतिक शिक्षा 

( iv ) नैतिक शिक्षा । 

 

( 5 ) हथियारों की दौड़ का सम्बन्ध है । 

( i ) गरीबी से 

( ii ) बेरोज़गारी

( iii ) आतंकवाद से 

( iv ) अशिक्षा से । 

 

( 6 ) 2001 की जनगणना के अनुसार भारत की साक्षरता का प्रतिशत है 

( i ) 64.8 % 

( 1 ) 65.8 % 

( iii ) 66.6 % 

( iv ) 75.4 % 

 

( 7 ) भारत का क्षेत्रफल विश्व के कुल क्षेत्रफल का है 

( i ) 3.5 % 

( ii ) 2.4 % 

( ii ) 3.6 % 

( iv ) 2.5 % 

 

( 8 ) पंजाब के गवर्नर ओ. डायर की गोली मारकर हत्या की थी । 

( i ) भगतसिंह ने 

( ii ) चन्द्रशेखर आजाद ने 

( iii ) उधमसिंग ने 

( iv ) मंगल पाण्डे ने

 

( 9 ) भारत और चीन का युद्ध कब हुआ 

( i )  11 अप्रैल , 1962 

( ii ) 20 अक्टूबर 1962 

( iii ) 20 अगस्त 1964 

( iv ) 11 जुलाई 1965 

 

उत्तर- ( 1 ) ( ii ) , ( 2 ) ( iv ) , ( 3 ) ( ii ) , ( 4 ) ( i ) , ( 5 ) ( iii ) , ( 6 ) ( ii ) , ( 7 ) ( ii ) , ( 8 ) ( ii ) , ( 9 ) ( ii ) 

 

सत्य / असत्य बताइए

 

( 1 ) क्षेत्रवाद राष्ट्रीय एकता का मूलाधार हैं ।

 

उत्तर – असत्य 

 

सही जोड़ी बनाइए

प्रजातन्त्र के समक्ष प्रमुख चुनौतियाँ अति लघु उत्तरीय प्रश्न 

 

प्रश्न 1. भारत में प्रजातंत्र के समक्ष कौन – कौन सी चुनौतियाँ हैं ? 

उत्तर- गरीबी , बेरोजगारी , जातीयता , क्षेत्रीयता , निरक्षरता , सामाजिक कुरीतियाँ आदि भारत में प्रजातंत्र के समक्ष चुनौतियाँ हैं । 

 

प्रश्न 2. साम्प्रदायिकता से क्या आशय है ? 

उत्तर- राष्ट्रहित को भुलाकर एक पंथ या सम्प्रदाय विशेष के प्रति निष्ठा रखना व अन्य पंथ व सम्प्रदार्यों के प्रति घृणा का भाव रखना ही ‘ साम्प्रदायिकता ‘ है । 

 

प्रश्न 3. मादक या नशीला पदार्थ किसे कहा जाता है ? 

उत्तर- वे पदार्थ , जिनके सेवन से मस्तिष्क शिथिल हो जाए , रक्त का संचार तेज हो और उत्तेजना से क्षणिक आनंद की अनुभूति हो , मादक पदार्थ कहलाते हैं । 

 

प्रश्न 4. बेरोजगारी से क्या आशय है ? 

उत्तर- ऐसी स्थिति , जिसमें व्यक्ति वर्तमान मजदूरी दर पर काम करने को तैयार हो पर उसे काम न मिले , ‘ बेरोजगारी ‘ कहलाती है । 

 

प्रश्न 5. अशिक्षा स्वस्थ जनमत में किस प्रकार बाधक है ? समझाइए । 

उत्तर- अशिक्षा स्वस्थ जनमत में बाधा है , क्योंकि अशिक्षित व्यक्ति राष्ट्र के प्रति उतनी व्यापक व अच्छी सोच नहीं रख सकता , जितना कि एक शिक्षित व्यक्ति । अशिक्षित व्यक्ति अपने मत का महत्व भी नहीं जानता है । अतः अशिक्षा स्वस्थ जनमत में बाधा है । 

 

प्रश्न 6. शहरी बेरोजगारी से आशय लिखिए । 

उत्तर- शहर में शिक्षा ग्रहण कर शिक्षित लोगों को शहरों में रोजगार न मिलना ही ‘ शहरी बेरोजगारी है । 

 

प्रश्न 7. सामाजिक असमानता किसे कहते हैं ? 

उत्तर – समाज का विभिन्न आधारों पर विभिन्न वर्गों में विभक्त होना ही ‘ सामाजिक असमानता है । 

 

प्रजातन्त्र के समक्ष प्रमुख चुनौतियाँ लघु उत्तरीय प्रश्न 

 

प्रश्न 1. जनसंख्या विस्फोट से क्या आशय है ? समझाइए ।

उत्तर- जब जनसंख्या वृद्धि दर इतनी तेज हो जाती है कि देश में उपलब्ध संसाधन आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर पाते , तब इस स्थिति को ‘ जनसंख्या विस्फोट ‘ कहा जाता है । जनसंख्या की तीव्र गति से वृद्धि हमारे आर्थिक विकास के सारे प्रयासों को विफल कर देती है । अतः जनसंख्या विस्फोट ऐसी स्थिति होती । जिसमें किसी राष्ट्र की जनसंख्या बहुत तीव्र गति से बढ़ती है तथा जनसंख्या संसाधन बनने की अपेक्षा उस राष्ट्र के विकास की बाधा बन जाती है । 

 

प्रश्न 2. साम्प्रदायिकता के चार कारण लिखिए ।

उत्तर- साम्प्रदायिकता के कारण निम्नलिखित हैं- 

( 1 ) ब्रिटिश सरकार की देश को विभाजित करने की नीति ने साम्प्रदायिकता को बढ़ावा दिया है । परिणामतः देश में वर्षों से साथ रह रहे विभिन्न सम्प्रदायों लोगों में अविश्वास की भावना बढ़ गई है । 

( 2 ) राजनीतिज्ञों , नेताओं और सरकारों द्वारा राजनीतिक स्वार्थ के तहत चुनाव जीतने के लिए धर्मों एवं सम्प्रदायों की मांगों को मान लिया जाता है और उन्हें खुश करने के प्रयत्न किए जाते हैं । 

( 3 ) कुछ धार्मिक नेता अपने निजी स्वार्थों के लिए विभिन्न सम्प्रदायों में फैली अशिक्षा , बेरोजगारी आदि में सुधार के लिए कार्य नहीं करते अपने अनुयायियों को धार्मिक शिक्षा के लिए ही प्रेरित करते हैं । इससे वे सही / गलत नहीं समझ पाते हैं । 

( 4 ) भारत में होने वाली हर छोटी घटना को कुछ देश तूल देकर प्रसारित करते हैं । इससे देश में साम्प्रदायिकता की भावना को बढ़ावा मिलता है । 

 

प्रश्न 3. नशे पर प्रतिबन्ध क्यों होना चाहिए ? समझाइए । 

उत्तर- नशे के निम्नलिखित प्रभावों के कारण नशे पर प्रतिबन्ध होना चाहिए-

( 1 ) मादक पदार्थों के सेवन से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव होता है । धीरे – धीरे शरीर शिथिल होने लगता है और रोग उसे घेर लेते हैं । 

( 2 ) व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक कार्य क्षमता घट जाती हैं । ज्यादा कार्य करने की शक्ति नहीं रहती हैं । 

( 3 ) आर्थिक स्थिति खराब हो जाती है । परिवार पर होने वाला खर्च नशे की भेंट चढ़ जाता है । घरेलू झगड़े बढ़ जाते हैं । पारिवारिक कलह बढ़ने से बच्चों का विकास प्रभावित होता है । 

( 4 ) सामाजिक प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है । नशेड़ी लोगों को समाज में अच्छी दृष्टि से नहीं देखा जाता । पूरे परिवार को इसे सहना पड़ता है । समाज पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है । परिवार अपमानित होता है । 

( 5 ) इन पदार्थों के सेवन से दुर्घटनाएँ , झगड़े , व्यभिचार , चोरी आदि की घटनाएं बढ़ने लगती हैं । समाज और देश में अशान्ति की स्थिति पैदा हो जाती है , व कानून व्यवस्था बिगड़ती है । 

( 6 ) मादक पदार्थों की तस्करी का धंधा बढ़ जाता है । इससे शासन को मुश्किल होती है तथा इससे वर्ग संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो जाती है । 

 

प्रश्न 4. जनसंख्या वृद्धि के चार कारण लिखिए ।

उत्तर- जनसंख्या वृद्धि के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं- 

 

  1. शिक्षा का अभाव- 

अशिक्षित जनता अधिक जनसंख्या की हानियों को नहीं समझ पाती है । इस कारण वे इस ओर ध्यान नहीं देते । 

 

  1. उष्ण जलवायु- 

भारत की जलवायु गर्म है । यहाँ लड़कियों में परिपक्वता जल्दी आ जाती है । कम उम्र में शादी होने से अधिक बच्चे हो जाते हैं । 

 

  1. संतान निरोधक विधियों की कमी – 

अज्ञानता और अनुपलब्धता के कारण इन विधियों का प्रयोग कम हो रहा है । 

 

  1. घटती मृत्यु दर – 

भारत में मृत्यु – दर तेजी से घट रही हैं । इस कारण जनसंख्या कम नहीं हो पा रही है । 

 

प्रश्न 5. जनसंख्या वृद्धि को रोकने के उपाय लिखिए । ( Any 5 )

उत्तर- जनसंख्या वृद्धि को रोकने के उपाय निम्नलिखित हैं- 

( 1 ) भारत में जो परिवार नियोजन कार्यक्रम को लागू किया गया है , इसे बढ़ावा देने हेतु निरन्तर इसका प्रचार किया जाना चाहिए । 

( 2 ) शहर गाँवों में परिवार नियोजन केन्द्र स्थापित किये गये हैं , जिनकी जानकारी प्रदान कर उन केन्द्रों का लाभ उठाने हेतु प्रोत्साहित करना चाहिए । 

( 3 ) परिवार नियोजन कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए तथा प्रशिक्षण द्वारा उनको अधिक प्रभावशाली बनाया जाना चाहिए । 

( 4 ) दो बच्चों के मानक को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए । 

( 5 ) बुनियादी प्रजनन सुविधाओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए । 

( 6 ) टीकाकरण का प्रचार – प्रसार किया जाना चाहिए । 

( 7 ) स्त्री – शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए । 

( 8 ) सामाजिक संस्थाओं को परिवार नियोजन कार्यक्रम से जोड़ने हेतु हर संभव प्रयास किये जाने चाहिए । 

( 9 ) जनसंख्या वृद्धि से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी जनसाधारण को देकर जनसंख्या – वृद्धि रोकने हेतु प्रोत्साहित करना चाहिए । 

 

प्रजातन्त्र के समक्ष प्रमुख चुनौतियाँ दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 

 

प्रश्न 1. मादक पदार्थों का शरीर पर क्या प्रभाव होता है ? लिखिए ।

उत्तर- मादक पदार्थों का शरीर पर निम्नलिखित प्रभाव होता है 

 

  1. शारीरिक कमजोरी- 

मादक पदार्थों के सेवन से शरीर में कमजोरी उत्पन्न होने लगती है तथा व्यक्ति की शारीरिक क्षमता घटती जाती है । 

 

  1. मानसिक कमजोरी – 

मादक पदार्थों के सेवन से मस्तिष्क शिथिल होता जाता है व व्यक्ति को मानसिक कमजोरी होने लगती है , जो उसकी सोचने – समझने की शक्ति को क्षीण कर देती है व मानसिक क्षमता भी कम कर देती है । 

 

  1. रोगों में वृद्धि- 

मादक पदार्थों का सेवन करने वाले व्यक्ति को विभिन्न रोग हो जाते हैं , क्योंकि उसकी शारीरिक क्षमता कम हो जाती है व रोग उस पर आक्रमण कर देते हैं । 

 

  1. जीवन आयु पर प्रभाव- 

मादक पदार्थों का सेवन करने वाले व्यक्ति की जीवन आयु कम हो जाती है और वह अपनी आयु पूरी किये बिना ही मर जाता है । 

 

  1. बच्चों के विकास पर प्रभाव – 

मादक पदार्थों का सेवन करने वाले व्यक्ति के परिवार में पारिवारिक कलह बढ़ जाता है , जिससे बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है । इस प्रकार स्पष्ट होता है कि मादक पदार्थों के सेवन से शरीर पर विभिन्न प्रतिकूल प्रभाव पड़ते हैं । 

 

प्रश्न 2. भारत में बेरोजगारी के कारणों को दूर करने के उपार्यों का वर्णन कीजिए ।

उत्तर- भारत में बेरोजगारी को दूर करने के उपाय निम्नलिखित हैं-

 

  1. जनसंख्या वृद्धि पर नियन्त्रण- 

जनसंख्या वृद्धि पर नियन्त्रण करना चाहिए । इससे श्रमिकों की पूर्ति – दर में कमी आएगी । रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ यह भी अति आवश्यक है । 

 

  1. लघु और कुटीर उद्योगों का विकास- 

ये उद्योग ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थापित हैं तथा अंश कालीन रोजगार प्रदान करते हैं । इनमें पूँजी कम लगती हैं और ये परिवार के सदस्यों द्वारा ही संचालित होते हैं । इनके द्वारा बेकार बैठे किसान और उनके घर के सदस्य अपनी क्षमता , श्रम , कला – कौशल और छोटी – छोटी जमा राशि का उपयोग कर अधिक आय और रोजगार प्राप्त कर सकते हैं । अतः सरकार को इनके विकास के लिए पूँजी उपलब्ध करानी चाहिए । 

 

  1. व्यावसायिक शिक्षा- 

देश की शिक्षा पद्धति में परिवर्तन की आवश्यकता हैं । हमें शिक्षा को रोजगार उन्मुख बनाना है । हाईस्कूल पास करने के बाद छात्रों को उनकी रूचि के अनुसार व्यावसायिक शिक्षा चुनने के लिए जोर देना चाहिए । इससे शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे व्यवसाय से जुड़ सकेंगे और देश में बेरोजगारी की समस्या हल हो सकेगी । 

 

  1. विनियोग में वृद्धि- 

सार्वजनिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पूँजी का विनियोग कर बेरोजगारी दूर की जा सकती है । निजी क्षेत्र में बड़े उद्योगों को प्रोत्साहन देना चाहिए , जो कि श्रम प्रधान हो । इससे लोगों को रोजगार मिलेगा । बड़े – बड़े उद्योगों में पूँजी गहन तकनीक पर नियन्त्रण रखना चाहिए , क्योंकि उनमें बड़ी बड़ी मशीनों का उपयोग किया जाता है और मानव – श्रम कम लगता है । इससे बेरोजगारी बढ़ती है ।

 

प्रश्न 3. क्षेत्रवाद का राष्ट्रीय एकता पर क्या प्रभाव पड़ता है ? लिखिए । 

उत्तर- किसी क्षेत्र विशेष के निवासियों की अपने क्षेत्र के प्रति अत्यधिक लगाव की भावना व स्वयं को दूसरों से अलग मानकर कोई कार्य करना ही क्षेत्रवाद है । राष्ट्र के रूप में सभी क्षेत्रों के लोग एक इकाई के रूप में होते हैं , तभी राष्ट्रीय एकता को बल मिलता है । लेकिन क्षेत्रीय असमानता या भेदभाव के कारण क्षेत्रीय समस्याएं उत्पन्न हो जाती है , जिससे क्षेत्रवाद को बढ़ावा मिलता है एवं राष्ट्रीय एकता हताहत होती है । 

 

क्षेत्रवाद का राष्ट्रीय एकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है । क्षेत्रवाद से क्षेत्रीय संघर्ष की सम्भावना बढ़ जाती है व राष्ट्र की शांति , अशांति में बदल जाती है । उपद्रव व दो आरम्भ हो जाते हैं , व क्षेत्र विशेष के सम्बन्ध में राजनीतिक दबाव का सहारा लिया जाता है , जिससे राष्ट्रीय एकता की भावना कमजोर होती जाती है व राष्ट्र को जन – धन की भी हानि होती है । राष्ट्र के विकास में क्षेत्रवाद बाधक बन कर खड़ा हो जाता है । क्षेत्रवाद , सम्प्रदायवाद , संघर्ष , हत्या , लूट आदि जैसी समस्याएं खड़ी कर देता है । क्षेत्रवाद के कारण विभिन्न क्षेत्र के लोग अपने – अपने क्षेत्र की तुलना में राष्ट्र को कम महत्व देते हैं । इस प्रकार स्पष्ट है कि क्षेत्रवाद का राष्ट्र की एकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है । 

 

प्रश्न 4. आतंकवाद का समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है ? इसे दूर करने के उपाय लिखिए ।

उत्तर- मानव जाति के विरुद्ध कुछ व्यक्तियों या गिरोहों की हिंसा को ‘ आतंकवाद ‘ कहते हैं । यह लोकतन्त्र के विरूद्ध अपराध है । आतंकवाद आज विश्वव्यापी समस्या बन गया है । आतंकवादी विश्वभर में आतंकी गतिविधियाँ अपनाकर सबको भयभीत और असुरक्षित करना चाहते हैं । अनैतिक साधनों को भी न्याय संगत ठहराते हैं । हिंसक गतिविधियों द्वारा देश की अखण्डता और एकता को नष्ट करना चाहते हैं । कुछ विदेशी ताकतें , कट्टरपंथी ताकतें और अलगाववादी प्रवृत्तियाँ आतंकवाद को प्रोत्साहन दे रही हैं । ये विश्व में शान्ति भंग कर सबको भयभीत करना चाहती हैं आतंकियों द्वारा अतिविकसित देश अमेरिका की वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर जैसी इमारत को ध्वस्त कर गया । सारा संसार इससे स्तब्ध रह गया । हजारों जानें गई । अपार धन की हानि हुई और असुरक्षा की भावना बढ़ गई । आतंकवादियों द्वारा अक्सर बम विस्फोट जैसे कार्य किये जाते हैं । ये राज्य और समाज को बाँटने का कार्य करते हैं । 

 

आतंकवाद का समाज पर निम्न प्रभाव पड़ता है- 

( 1 ) नागरिकों में असुरक्षा की भावना पैदा हो जाती है , तथा वे आतंकी गतिविधियों से भयभीत रहते हैं । 

( 2 ) समाज व राष्ट्र के आर्थिक विकास के मार्ग में बाधा आती है । जिस गति से विकास कार्य करने होते हैं , उन्हें छोड़कर बचाव कार्य करने पड़ते हैं । इससे शासकीय योजनाएँ प्रभावित होती हैं । 

( 3 ) जन – धन की बहुत हानि होती है । निरपराध लोग मारे जाते हैं । सरकारी और निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचता है । 

( 4 ) आतंकवाद से अघोषित युद्ध जैसी स्थिति बन जाती है । कुछ देश आतंकवाद को कूटनीतिक साधन के रूप में उपयोग करते हैं , जिससे सामाजिक अशांति फैलती है । 

 

आतंकवाद दूर करने हेतु निम्नलिखित उपाय हैं- 

( 1 ) आतंकवाद दूर करने के लिए सभी राष्ट्र को मिलकर आतंकवाद का सामना करना चाहिए एवं आतंकवादियों के समक्ष कोई समझौता नहीं करना चाहिए । 

( 2 ) आतंकवादियों से निबटने हेतु सख्त से सख्त कार्रवाई कर उनके मनोबल को तोड़ देना चाहिए । 

( 3 ) समाज के सभी लोगों को आतंकवादियों से निबटने हेतु स्वयं एकजुट रहना चाहिए व उनका डटकर मुकाबला करना चाहिए । 

( 4 ) सरकार द्वारा आतंकवादियों हेतु कठोर कानून बनाना चाहिए , जिसके भय से आतंकवादी अपनी गतिविधि संचालित न कर सकें । 

 

प्रश्न 5. भारत में प्रजातंत्र की सफलता में बाधक तत्वों को बतलाते हुए उन्हें दूर करने के उपायों का वर्णन कीजिए । 

उत्तर- भारत में प्रजातंत्र की सफलता में बाधक तत्व एवं उन्हें दूर करने के उपाय निम्नलिखित हैं- 

 

  1. गरीबी और बेरोजगारों की बढ़ती संख्या- 

देश की आबादी का करीबन 26 प्रतिशत भाग गरीबी रेखा के नीचे जीवन निर्वाह कर रहा है । देश में शिक्षित और अशिक्षित करोड़ों नागरिकों को नियमित रोजगार का कई साधन नहीं है । नागरिकों के उसी बड़े वर्ग के कारण लोकतंत्र के संचालन में कठिनाई उत्पन्न होती है । अतः गरीबी और बेरोजगारों की संख्या कम करने हेतु सरकार को रोजगार के नवीन अवसर उपलब्ध कराने चाहिए । 

 

  1. जातीयता और क्षेत्रीयता- 

देश में प्रचलित जातिवाद और क्षेत्रवाद स्वतंत्रता और समानता के अधिकार को वास्तविक नहीं बनने दे रहे हैं । भारतीय प्रजातंत्र में विश्वास करने वाले यह मानते थे कि भारत में धीरे – धीरे जातिवाद स्वतः समाप्त हो जायेगा , लेकिन व्यक्ति जब जाति को प्राथमिकता देकर राजनीतिक कार्य और व्यवहार निर्धारित करता है , तब लोकतंत्र के संचालन में अवरोध उत्पन्न हो जाता है । अतः लोगों को जागरूक होकर जातीयता व क्षेत्रीयता से ऊपर उठकर राष्ट्र के प्रति अपना योगदान देना चाहिए , जिससे प्रजातंत्र को सफल बनाया जा सके । 

 

  1. निरक्षरता- 

लोकतांत्रिक पद्धति का सफल क्रियान्वयन नागरिकों की शिक्षा पर निर्भर है । 2001 की जनगणना के अनुसार भारत में साक्षरता का प्रतिशत 64.8 है , जबकि महिला साक्षरता केवल 53.7 प्रतिशत है । स्त्री – पुरुषों के समान राजनीतिक अधिकार होते हुए भी शिक्षा की कमी के कारण लोकतंत्र के कार्यान्वयन में कठिनाई आती है । शिक्षा की कमी के कारण नागरिकों में राजनीतिक सक्रियता और सहभागिता की कमी रहती है । अतः लोकतंत्र की सफलता के लिए शिक्षा स्तर में वृद्धि के साथ – साथ साक्षरता दर में भी वृद्धि करना चाहिए । 

 

  1. सामाजिक कुरीतियाँ- 

भारतीय समाज परम्परागत समाज है । यहाँ प्रजातंत्र की भावना के अनुकूल लोकमत की कम अभिव्यक्ति होती है । अभी भी हमारे समाज में अस्पृश्यता की भावना , महिलाओं के प्रति भेदभाव , जातीय श्रेष्ठता के भाव , सामन्तवादी मानसिकता , सामाजिक कुरीतियाँ व अन्धविश्वास आदि की भावना व्याप्त है । इस प्रकार के विचार लोकतंत्र को जीवन का अभिन्न अंग नहीं बनने दे रहे हैं । सामाजिक कुरीतियाँ व देश की सामाजिक समस्याएँ भी बाधक हैं । अतः लोकतंत्र की सफलता हेतु इन सामाजिक कुरीतियों को नष्ट करने के प्रयास किये जाने चाहिए एवं इन कुरीतियों से बंधे लोगों को जागरूक करना चाहिए । उन्हें यह बताया जाना चाहिए कि इन कुरीतियों ने सामाजिक विकास को किस तरह अवरुद्ध कर रखा है । 

 

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न 

 

प्रश्न 1. भारत में बेरोजगारी के प्रकार समझाइए । 

उत्तर- भारत में बेरोजगारी दो प्रकार की होती है- 

( 1 ) शहरी बेरोजगारी 

( 2 ) ग्रामीण बेरोजगारी । 

 

  1. शहरी बेरोजगारी – 

बड़ी संख्या में शिक्षा प्राप्त कर लोग बेकार बैठे रहते हैं । इससे शिक्षित बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है । ग्रामीण क्षेत्रों से जनसंख्या शहरों की ओर जा रही हैं । मशीनीकरण व आधुनिकीकरण के कारण अवसरों की संख्या कम है । इससे औद्योगिक श्रमिकों में निरन्तर बेरोजगारी बढ़ रही है । 

 

  1. ग्रामीण बेरोजगारी- 

कृषि क्षेत्र में वर्ष भर कार्य नहीं रहता । छह माह कृषक बेकार रहते हैं । पूंजी का अभाव होने के कारण कुटीर उद्योगों का विकास नहीं हो पाया है । उन्हें वर्ष भर कार्य नहीं मिल पाता और उनकी कमाई में बढ़ोतरी नहीं हो पाती । 

 

प्रश्न 2. जनसंख्या विस्फोट के प्रभाव समझाइए । ( Any 5 )

उत्तर- जनसंख्या विस्फोट के निम्नलिखित प्रभाव हैं- 

( 1 ) प्रति व्यक्ति आय में गिरावट आती है । 

( 2 ) बचत और विनियोग बहुत कम हो पाता है । 

( 3 ) भूमि पर जनसंख्या का अधिक भार पड़ रहा है । कृषि योग्य भूमि आवश्यक मात्रा में अनाज उत्पन्न नहीं कर पाती है । 

( 4 ) खाद्यान्न का उत्पादन सीमित हो जाता है तथा खाद्यान्न की कमी होने लगती है । 

( 5 ) जनसंख्या वृद्धि के कारण रहने के लिए आवास – भूमि कम हो जाती है । 

( 6 ) स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यक मात्रा में पूर्ति नहीं हो पाती है । 

( 7 ) जनसंख्या वृद्धि से मांग बढ़ जाती है । वस्तुएँ कम मात्रा में उपलब्ध हो पाती हैं , इससे कीमतें बढ़ जाती हैं । 

( 8 ) जनसंख्या वृद्धि से श्रम की पूर्ति बढ़ जाती है । इससे बेरोजगारी की संख्या बढ़ जाती है । 

( 9 ) ऊर्जा का उपयोग बढ़ जाता हैं । अधिक बिजली की जरूरत होती है । इससे ऊर्जा की कमी महसूस होती है । 

 

प्रश्न 3. बेरोजगारी के परिणाम लिखिए । 

उत्तर- बेरोजगारी के परिणाम निम्नलिखित हैं-   

 

  1. मानव शक्ति का अपव्यय – 

कार्य करने योग्य व्यक्ति जब बेकार रहते हैं , तो उनका श्रम व्यर्थ जाता है । इस तरह से बहुत से बेरोजगारों की श्रमशक्ति का उपयोग नहीं हो पाता है । 

 

  1. आर्थिक विकास में बाधा – 

कृषि में निहित बेरोजगारी और अन्य बेरोजगारी से बचत शून्य हो जाती है , क्योंकि आय कम हो जाती है । पूँजी का निर्माण और विनियोग नहीं हो पाता है , इससे देश के आर्थिक विकास में रूकावट आती है । 

 

  1. संसाधनों की बर्बादी – 

देश में सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए बहुत बड़ी धनराशि खर्च करती हैं । प्रशिक्षण पर भी खर्च होता है , परन्तु बेरोजगारी के कारण यह सब व्यर्थ हो जाता है । 

 

  1. सामाजिक समस्याएँ- 

बेरोजगारी मानसिक और सामाजिक असंतोष को जन्म देती है । बेरोजगार असंतुष्ट और परेशान व अभाव ग्रस्त रहते हैं । इससे चोरी , डकैती , बेईमानी , शराबखोरी , नशा , आदि बुराइयाँ समाज में बढ़ जाती हैं । सुरक्षा व्यवस्था नष्ट होती है । नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ जाती है । सरकार को इस हेतु बड़ी राशि खर्च करनी पड़ती है । 

 

  1. राजनीतिक अस्थिरता- 

बेरोजगारी के कारण एक बड़ा जन – समूह सरकार के विरुद्ध हो जाता है । उनमें असंतोष और आक्रोश उत्पन्न हो जाता है । यह स्थिति राजनैतिक अस्थिरता को जन्म देती है । सरकार पर सदा संकट बना रहता है । 

 

प्रश्न 4. साम्प्रदायिकता दूर करने के उपाय लिखिए । 

उत्तर- साम्प्रदायिकता को दूर करने के उपाय निम्नलिखित हैं- 

( 1 ) सरकार को सभी धर्मों की मिली – जुली प्रार्थना सभाओं की आयोजन करना चाहिए । 

( 2 ) शिक्षा में प्रारम्भ से ही नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को जोड़ना चाहिए । 

( 3 ) सरकार को कानून बनाते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे समान रूप से सभी नागरिकों पर लागू हों । इन्हें लागू करने में किसी भी प्रकार का भेदभाव जाति , धर्म , भाषा और लिंग के आधार पर नहीं करना चाहिए । 

( 4 ) चुनाव के समय धर्म के आधार पर उम्मीदवार का चुनाव नहीं करना चाहिए । राजनीति में धर्म का प्रभाव बढ़ने से धर्मनिरपेक्षता की भावना में बाधा होती है । नेताओं को राष्ट्र हित को ध्यान में रखना चाहिए , न कि समुदाय के हितों को । 

( 5 ) शिक्षा का विकास अधिक से अधिक करना चाहिए । इससे व्यक्ति अच्छे या बुरे का निर्णय स्वयं ले सकता है । अशिक्षित धर्मान्ध जल्दी हो जाते हैं । 

( 6 ) सरकार तथा जनसाधारण को कोई भी ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए , जो कि साम्प्रदायिकता को बढ़ावा देता हो । 

 

प्रश्न 5. भारत में बेरोजगारी के कारणों का वर्णन कीजिए । 

उत्तर- भारत में बेरोजगारी के कारण निम्नलिखित हैं- 

 

1.जनसंख्या में तीव्र वृद्धि – 

काम करने वालों की संख्या तो बढ़ रही है , परन्तु तुलनात्मक रूप में कार्य के अवसर नहीं बढ़ पा रहे हैं । 

 

  1. कृषि पर बढ़ता दबाव – 

जनसंख्या वृद्धि से कृषि – भूमि पर जनभार बढ़ा है । इसके कारण उपलब्ध भूमि पर छिपी हुई बेरोजगारी में वृद्धि हुई है । फलतः परिवार का जीवन – स्तर कम हुआ है और प्रति व्यक्ति आय कम हुई है । 

 

  1. दोषपूर्ण शिक्षा प्रणाली- 

शिक्षा प्रणाली व्यावसायिक नहीं है । इससे लाखों बी.ए. , एम.ए. करने वाले लोग बेरोजगार रहते हैं । 

 

  1. दोषपूर्ण नियोजन- 

हमारे देश में नियोजन नीति रोजगार मूलक नहीं है । रोजगार के अवसर अधिक उपलब्ध हो सकें , इस पर ध्यान कम दिया गया है । 

 

  1. श्रमिकों में गतिशीलता का अभाव- 

ग्रामीण जनता आज भी परम्परा , कुरीतियों व अंधविश्वासों में जकड़ी हुई है । इसके कारण उनकी गतिशीलता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और जहाँ रोजगार उपलब्ध है , वे वहाँ भी नहीं पहुंच पाते । 

 

  1. विकास की धीमी गति- 

पंचवर्षीय योजनाओं में विकास की दर लक्ष्य से नीची रही है , इससे रोजगार के अवसरों में अधिक वृद्धि नहीं हो पाई । 

 

  1. पूँजी का अभाव- 

कृषकों की आय कम होने से बचत नहीं हो पाती । इससे पूँजी विनियोग नहीं हो पाता और रोजगार के अवसर कम हो जाते हैं । 

 

  1. उद्योगों में मशीनीकरण- 

उद्योगों में उच्च तकनीकी मशीनों का उपयोग होने से मानव – श्रम की आवश्यकता कम होती है , इससे बेरोजगारी बढ़ती है । 

 

  1. शिक्षितों का दोषपूर्ण दृष्टिकोण- 

देश में शिक्षितों की श्रम कार्य में रूचि नहीं होती । वे शारीरिक श्रम कार्य करने की अपेक्षा बेकार रहना पसन्द करते हैं । 

 

  1. रोजगार मार्गदर्शन का अभाव- 

देश में रोजगार के इच्छुक व्यक्तियों को सूचना न मिलने से अवसरों की जानकारी नहीं होती । उन्हें सही मार्गदर्शन नहीं मिल पाता है । 

 

प्रश्न 6. आतंकवाद के प्रमुख कारणों का वर्णन कीजिए । 

उत्तर- आतंकवाद के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं-

  1. उपनिवेशवाद- 

शासकों द्वारा वर्षों तक अपनाई गई दमनकारी नीतियाँ उपनिवेश में नागरिकों के विद्रोह का कारण होती हैं । वे शासकों से छुटकारा पाने के लिए आतंकी गतिविधियाँ अपनाते हैं । 

 

  1. सूचना प्रौद्योगिकी- 

पिछले दो दशकों में संचार साधनों में बहुत क्रांति आई है । टेलीविजन , इन्टरनेट , मोबाइल , फेक्स आदि के माध्यम से आतंकवादी संगठन इसका प्रयोग कर अपनी आतंकी गतिविधियाँ करने में अधिक सफल होते हैं । 

 

  1. राष्ट्रों में द्वेष की भावना- 

एक राष्ट्र द्वारा जब दूसरे राष्ट्र में आतंकवादी गतिविधियों के संचालन के लिए आतंकवादी संगठनों को संरक्षण , प्रशिक्षण एवं आर्थिक मदद दी जाती है , तो ऐसी स्थिति में संचालित आतंकवाद सीमा पार संचालित आतंकवाद कहलाता है । भारत इससे प्रभावित । भारत के पड़ोसी राष्ट्रों में अनेक आतंकवादी शिविर कार्यरत् हैं , जो प्रशिक्षण देने का कार्य करते हैं और विश्व में आतंकवाद के प्रसार में मदद करते हैं । 

 

  1. विविधकरण- 

विश्व के कुछ राष्ट्र द्वारा अन्य राष्ट्रों के प्रति द्वेष , ईर्ष्या की भावना ने भी दूसरे राष्ट्र में हिंसा फैलाकर उस राष्ट्र को नीचा दिखाने की प्रक्रिया ने भी आतंकवाद को जन्म दिया है । 

 

प्रश्न 7. भारत में आतंकवाद के रूपों का वर्णन कीजिए । 

उत्तर- भारत में आतंकवाद के निम्नलिखित रूप हैं- 

 

  1. साम्प्रदायिक आतंकवाद- 

जम्मू कश्मीर में चल रहा आतंकवाद इसका उदाहरण है । कश्मीर घाटी में धर्म के नाम पर हत्या , अपहरण , लूटपाट करना और शान्ति व्यवस्था भंग करना इनका उद्देश्य है । कश्मीर में सीमापार से आ रहे आतंकवादी धर्म के पर आतंक फैला रहे हैं । वर्ग विशेष की सम्पत्ति को लूटकर उन्हें घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया है । कश्मीर में इनकी आतंकी गतिविधियाँ निरन्तर चल रही हैं । इसके कारण भारत और पाकिस्तान में तीन बार युद्ध भी हो चुके हैं । 

 

  1. नक्सली आतंकवाद- 

भारत में नक्सलियों की गतिविधियाँ शान्ति और व्यवस्था भंग कर रही हैं । इनका उपद्रव पश्चिम बंगाल के एक गाँव नक्सलवादी से हुआ है । इस कारण इसे नक्सलवाद कहा गया । ये हत्या , अपहरण , वसूली , लूटपाट के माध्यम से आतंक फैलाते हैं । आन्न , छत्तीसगढ़ , प . बंगाल आदि प्रदेशों में इसका फैलाव हो रहा है । ये मार्क्स और माओं की विचारधारा के अनुयायी है । –

 

  1. जातीय आतंकवाद- 

उत्तर – पूर्वी राज्यों में जन – जातियों और गैर जनजातियों के आपसी मतभेद प्रजातीय आतंकवाद के रूप में उभरकर आये हैं । ये जातियाँ आपस में निरन्तर लड़ती रहती हैं । ये देश की एकता और अखण्डता को खतरा उत्पन्न कर रही हैं । 

 

प्रश्न 8. जनसंख्या विस्फोट के सामाजिक व आर्थिक कारण लिखिए । 

उत्तर – जनसंख्या विस्फोट के सामाजिक व आर्थिक कारण निम्नलिखित हैं 

 

( अ ) सामाजिक कारण- 

( 1 ) संयुक्त परिवार प्रथा होने से अधिक बच्चों के पालन – पोषण में परेशानी नहीं होती हैं । 

( 2 ) बाल – विवाह और विवाह आयु कम होने से बच्चे अधिक और जल्दी पैदा हो जाते हैं । 

( 3 ) भारतीय समाज परम्परावादी है , जिसमें लड़कों के जन्म को महत्वपूर्ण माना जाता है । 

( 4 ) स्त्रियों की सामाजिक स्थिति गिरी हुई है । 

( 5 ) बच्चों के जन्म को ईश्वर की देन व कृपा माना जाता है । 

( ब ) आर्थिक कारण- 

( 1 ) निर्धनता के कारण अधिक बच्चों को कमाई का साधन माना जाता है । 

( 2 ) कृषि कार्य में लगे परिवारों के बच्चे उनके कृषि सम्बन्धी कार्यों में सहायता करते हैं । पशु चराने में , खेतों की रखवाली करने में अधिक बच्चे उपयोगी होते हैं । 

( 3 ) ग्रामीण जनता की यह धारणा होती है कि आने वाला बच्चा अपने साथ दो हाथ – पैर भी लाता है और उनके काम में सहायक होता है । इसीलिए वे बच्चों को वरदान मानते हैं । 

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