MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 4 परिवहन, संचार एवं विदेशी व्यापार

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MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 4 परिवहन, संचार एवं विदेशी व्यापार

 

MP Board Class 10th Social Science Chapter 4 पाठान्त अभ्यास

 

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Social Science Chapter 4 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

सही विकल्प चुनिए 

 

( 1 ) भारत में रेलवे जोन की कुल संख्या है 

( i ) 9 

( ii ) 16 

( iii ) 14 

( iv ) 15

 

( 2 ) बड़ी रेलवे लाइन में रेल की दोनों पटरियों के मध्य की दूरी होती है 

( i ) 1676 मिमी . 

( ii ) 1000 मिमी .

( iii ) 792 मिमी . 

( iv ) 1560 मिमी 

 

( 3 ) भूमिगत रेलपथ ( मेट्रो रेल ) से सम्बन्धित है 

( i )बैंगलोर 

( ii ) कोलकाता

( iii ) अहमदाबाद 

( iv ) भोपाल 

 

( 4 ) गैस लाइन है 

( i ) बरौनी – हल्दिया 

( ii ) बरौनी – जालंधर 

( iii ) नहरकटिया – बरौनी 

( iv ) हजीरा – जगदीशपुर ।

 

( 5 ) मुम्बई बंदरगाह के दबाव को कम करने हेतु विकसित बंदरगाह हैं 

(i ) पाराद्विप

( ii ) हल्दिया

( ii ) न्हावाशेवा 

( iv ) कांडला

 

( 6 ) विदेशों में रह रहे लोगों से बात करने हेतु भारत में उपलब्ध दूर संचार सेवा है 

( i ) बी.पी.टी.

( ii ) आई.एस.डी. 

( iii ) एस.टी.डी. 

( iv ) डब्ल्यु.एल.एल  

 

( 7 ) जिन उपभोक्ताओं के पास कम्प्यूटर या इन्टरनेट उपलब्ध नहीं है , उनके लिए प्रारम्भ की गई दूर संचार सेवा है 

( i ) व्यापारिक चैनल

( ii ) स्पीड पोस्ट

( iii ) ई – पोस्ट 

( iv ) ई – बिलपोस्ट   

 

उत्तर- ( 1 ) ( i ) , ( 2 ) ( I ) , ( 3 ) ( ii ) , ( 4 ) ( iv ) , ( 5 ) ( iii ) , ( 6 ) ( ii ) , ( 7 ) ( iii )

 

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए 

 

( 1 ) आन्ध्रप्रदेश के कोरोम्डल तट पर सर्वाधिक सुरक्षित व गहरा बंदरगाह … है 

( 2 ) स्थानीय पत्रों के प्रेषण हेतु बड़े शहरों में लगाई गई पत्र पेटियाँ … कहलाती है 

( 3 ) सभी राज्यों की राजधानियों में डाक छाँटने व प्रेषण हेतु उपयोगी चैनल … है । 

( 4 ) इन्टरनेशनल नेटवर्क का संक्षिप्त नाम … है । 

( 5 ) विदेशी व्यापार से आशय एक देश का अन्य देशों से वस्तुओं के … से है । 

( 6 ) स्वतन्त्रता प्राप्ति के समय भारत का विदेशी व्यापार … का स्वरुप लिये हुआ था । 

( 7 ) 1992 की घोषित आयात – निर्यात नीति में … को काफी उदार बना दिया गया है । 

 

उत्तर- 

( 1 ) विशाखापट्टनम

( 2 ) मेट्रो चैनल

( 3 ) राजधानी चैनल

( 4 ) इन्टरनेट

( 5 ) विनिमय

( 6 ) निर्यात

( 7 ) लाइसेंस प्रणाली । 

 

सही जोड़ी मिलाइए 

परिवहन, संचार एवं विदेशी व्यापार अति लघु उत्तरीय प्रश्न 

 

प्रश्न 1. कोलकाता से 128 कि.मी. दूर कौन – सा बंदरगाह विकसित किया गया है ? 

उत्तर – कोलकाता से 128 कि.मी. दूर हल्दिया बंदरगाह विकसित किया गया है । 

 

प्रश्न 2. इंडियन एयर लाइन्स का मुख्यालय कहाँ है ? 

उत्तर- इंडियन एयर लाइन्स का मुख्यालय दिल्ली में है । 

 

प्रश्न 3. भारत में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का प्रमुख उद्देश्य क्या है ? 

उत्तर- भारत में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का प्रमुख उद्देश्य 500 तक की आबादी वाले गाँवों को बारहमासी सड़कों से जोड़ना है ।

 

प्रश्न 4. परिवहन व संचार से क्या आशय है ?

उत्तर – व्यक्तियों या जीव – जंतुओं को किसी माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाना ‘ परिवहन ‘ है । जबकि संदेशों व विचारों का आदान – प्रदान ‘ संचार ‘ कहलाता है । 

 

प्रश्न 5. दूरदर्शन में विज्ञापन सेवा कब प्रारम्भ की गई थी ? 

उत्तर – दूरदर्शन में विज्ञापन सेवा सन् 1976 से प्रारम्भ की गई थी । 

 

प्रश्न 6. अन्तर्राष्ट्रीय दर्शकों को भारतीय सामाजिक , सांस्कृतिक एवं आर्थिक क्षेत्रों की जानकारी किस चैनल द्वारा प्रदान की जाती है ? 

उत्तर- अन्तर्राष्ट्रीय दर्शकों को भारतीय सामाजिक , सांस्कृतिक एवं आर्थिक क्षेत्रों की जानकारी डी.डी. इण्डिया चैनल द्वारा प्रदान की जाती है । 

 

प्रश्न 7. वर्तमान में रेडियो प्रसारण सेवा का नाम क्या है ? 

उत्तर- वर्तमान में रेडियो प्रसारण सेवा का नाम आकाशवाणी है । 

 

प्रश्न 8. भारत में शैक्षिक चैनल को प्रमुखतया किस नाम से जाना जाता है ? 

उत्तर – भारत में शैक्षिक चैनल को डी.डी. ज्ञान दर्शन शैक्षिक चैनल के नाम से जाना जाता है । 

 

प्रश्न 9. भारत के प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय जलमार्गों के नाम बताइए । 

उत्तर – भारत के प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय जलमार्ग निम्नलिखित हैं 

  1. सिंगापुर मार्ग – कोलकाता से जापान होते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका के तटों तक । 
  2. आस्ट्रेलिया मार्ग- चैन्नई से सिंगापुर होते हुए आस्ट्रेलिया व न्यूजीलैण्ड तक । 
  3. स्वेज मार्ग- मुम्बई से पोर्ट्सईद तथा लंदन तक । 
  4. उत्तमाशा अंतरीप मार्ग- मुम्बई , मोम्बासा से यूरोप व अमेरिका तक । 

 

परिवहन, संचार एवं विदेशी व्यापार लघु उत्तरीय प्रश्न 

 

प्रश्न 1. मेट्रो रेल सेवा से क्या तात्पर्य है ? 

उत्तर- मेट्रो रेल सेवा , रेल सेवा का वह भाग है , जिसमें भूमिगत रेल लाइन बिछाकर रेल चलाई जाती है , अर्थात् भूमिगत रेल सेवा ही मेट्रो रेल सेवा है । 

 

प्रश्न 2. आंतरिक जल परिवहन की प्रमुख बाधाएँ कौन – कौन सी हैं ? 

उत्तर- आंतरिक जल परिवहन की प्रमुख बाधाएँ इस प्रकार हैं- 

( 1 ) आंतरिक जल परिवहन हेतु प्राकृतिक रुप से जल स्रोत होना आवश्यक है । 

( 2 ) आंतरिक जल परिवहन हेतु जल स्रोत में पूरे वर्ष पर्याप्त जल होना आवश्यक है । 

( 3 ) आंतरिक जल परिवहन के मार्ग को इच्छानुसार नहीं बनाया जा सकता है । 

 

प्रश्न 3. बंदरगाह व पत्तन में क्या अन्तर है ? 

उत्तर- जलयानों व जहाजों के तट पर आने – जाने , ठहरने , विश्राम करने के स्थान को ‘ बंदरगाह ‘ कहते हैं , जबकि समुद्री तट का वह अन्तः स्थल जहाँ जहाजों में माल लादने एवं उतारने का कार्य होता है , ‘ पत्तन ‘ कहलाता है । 

 

प्रश्न 4. सेल्युलर फोन क्या है ? 

उत्तर- यह एक बेतार का तार जैसा फोन है , जिसे मोबाइल फोन या सेल्युलर फोन कहते हैं । इस फोन को आप कहीं भी जेब में रखकर ले जा सकते हैं , वहीं से फोन कर सकते हैं एवं बाहर से फोन भी प्राप्त कर सकते हैं । 2006 तक देश में इस सेवा का उपयोग करने वालों की संख्या 3.1 करोड़ थी । जो वर्तमान में दुगुनी हो गई है । 

 

प्रश्न 5. तार वफेक्स में क्या अन्तर है ?

उत्तर – अमेरिकी थॉमस एल्वा एडिसन ने तार का आविष्कार किया । इससे संदेश शीघ्र भेजे जाने लगे । इसके लिए खम्भों पर टेलीग्राफ के तार स्थाई रूप से बाँधा जाना जरूरी था । इन तारों द्वारा बिजली के माध्यम से संदेश एक स्थान से दूसरे स्थान कोडेंसी मशीन द्वारा भेजे जाते हैं । सभी देश तार भेजने के लिए मोर्सकोड नामक सांकेतिक भाषा का प्रयोग करते हैं , जबकि फक्स एक प्रकार से लिखित संदेश प्राप्त करने या भेजने का साधन है । इसके लिए एक मशीन की आवश्यकता होती है , जिसे फैक्स मशीन कहते हैं । इस मशीन को टेलीफोन नम्बर से जोड़ देते हैं एवं संदेश लगा देते हैं । यह मशीन उस संदेश को कागज पर छाप देती है साथ ही भेजने वाले का टेलीफोन नम्बर , पता , समय भी लिख देती है । 

 

प्रश्न 6. इन्टरनेट से क्या तात्पर्य है ? 

उत्तर- इन्टरनेट , इन्टरनेशनल नेटवर्क का संक्षिप्त नाम है । इस सेवा से कोई भी व्यक्ति घर बैठे देश विदेश की प्रत्येक घटना को देख सकता है व सम्पर्क कर सकता है । विश्वभर के लाखों कम्प्यूटर सूचना केन्द्रों से प्राप्त सूचनाओं व आँकड़ों को अपनी भाषा में सरलता से प्राप्त किया जा सकता है । इस सुविधा के क्षेत्र में भारत का विश्व में चतुर्थ स्थान है । देश में कुल जनसंख्या के 4.5 प्रतिशत लोगों तक इन्टरनेट की पहुंच है । 

 

प्रश्न 7. भारतीय दूरदर्शन सेवा का वर्णन कीजिए ।

उतर- भारत में टेलीविजन सेवा का नियमित प्रसारण 1965 से प्रारम्भ हुआ । सन् 1976 में इसे आकाशवाणी से पृथक् कर दूरदर्शन नामक अलग संगठन बनाया गया । अब देश की लगभग 87 प्रतिशत से अधिक जनता 1042 स्थल ट्रांसमीटरों के माध्यम से दूरदर्शन के कार्यक्रम देख सकती है । कार्यक्रम तैयार करने वाले केन्द्रों की संख्या 20 है । 1976 में विज्ञापन सेवा प्रारम्भ की गई । 1982 से दूरदर्शन ने रंगीन कार्यक्रमों का प्रसारण प्रारम्भ कर दिया । डी.डी. 1 एवं डी.डी. 2 दिल्ली से प्रारम्भ किये गये । तत्पश्चात् 11 क्षेत्रीय भाषाओं के उपग्रह चैनल शुरु किये । फरवरी 1987 से दूरदर्शन की प्रातःकालीन सभा शुरु हुई 1 26 जनवरी , 1989 से दोपहर की सेवा प्रारम्भ की गई । इस प्रकार दूरदर्शन की तीनों सभाएं संचालित करके सभी वर्गों के लिए कार्यक्रम प्रसारित हो रहे हैं । खेल सम्बन्धी गतिविधियों के लिए डी.डी. स्पोर्ट्स चैनल , गुणवत्तायुक्त शिक्षा तक पहुँच बनाने हेतु सन् 2000 में डी.डी. ज्ञान दर्शन शैक्षिक चैनल आरम्भ किया गया । अन्तर्राष्ट्रीय दर्शकों को भारतीय सामाजिक , सांस्कृतिक , राजनीतिक एवं आर्थिक क्षेत्रों में नई जानकारी देने हेतु डी.डी. इंडिया चैनल प्रारम्भ किया गया है । दूरदर्शन के अनेक निजी चैनल भी हैं । 

 

प्रश्न 8. उपग्रह संचार से क्या आशय है ? 

उत्तर- उपग्रह संचार- वैज्ञानिकों ने मानव के हितों की पूर्ति के लिए मशीनीकृत उपग्रह तैयार कर रॉकटों की सहायता से अंतरिक्ष में स्थापित किये हैं । ये कृत्रिम उपग्रह पृथ्वी का चक्कर लगाते हुए मौसम , प्राकृतिक संसाधों , सैनिक गतिविधियों आदि की जानकारी चित्र और मानचित्र के माध्यम से पृथ्वी पर भेजते हैं । आर्यभट्ट , एप्पल , इन्सेट आई . आर . एस . कृत्रिम उपग्रह इसी दिशा में किये गये प्रयास हैं । 

 

प्रश्न 9. विदेशी या अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार से क्या तात्पर्य है ? 

उत्तर- विदेशी व्यापार से आशय ऐसे व्यापार से है , जो दो विभिन्न देशों अथवा दो राष्ट्रों के मध्य होता है । इसमें क्रेता एक देश का और विक्रेता दूसरे देश का निवासी होता है और ये आपस में वस्तुओं का क्रय – विक्रय करते हैं । विदेशी व्यापार में आयात व्यापार , निर्यात व्यापार और पुनः निर्यात व्यापार को शामिल किया जाता है । 

 

प्रश्न 10. सांस्कृतिक भिन्नता व्यापार को किस प्रकार प्रभावित करती है ? 

उत्तर- संसार के सभी देश सांस्कृतिक रुप से समान नहीं है । विभिन्न देशों में सामाजिक एवं धार्मिक दृष्टिकोण , रहन – सहन , रीति – रिवाज व रुचियाँ भिन्न होती हैं । इस सांस्कृतिक भिन्नता के कारण विभिन्न प्रकार की वस्तुओं की माँग एवं उत्पादन में भिन्नता होती है , जिससे व्यापार प्रभावित होता है । अतः कहा जा सकता है कि सांस्कृतिक भिन्नता व्यापार को प्रभावित करती है । 

 

प्रश्न 11. विदेशी व्यापार संरचना से आप क्या समझते हैं ? 

उत्तर- विदेशी व्यापार संरचना से आशय आयात एवं निर्यात की वस्तुओं से है । अर्थात् किसी राष्ट्र में आयात की जाने वाली वस्तुएँ व निर्यात की जाने वाली वस्तुएँ उस राष्ट्र के विदेशी व्यापार की संरचना को निर्मित करती हैं । 

 

प्रश्न 12. निर्यात संवर्द्धन एवं आयात प्रतिस्थापन में अन्तर स्पष्ट कीजिए । 

उत्तर- निर्यात संवर्द्धन एक ऐसी प्रक्रिया है , जिसमें निर्यात वृद्धि के लिए पुराने निर्यातकर्ताओं को तथा नवीन व्यक्तियों को निर्यात में वृद्धि करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है , जबकि आयात प्रतिस्थापन ऐसी प्रक्रिया है , जिसमें विदेशों से आयात की जाने वाली वस्तुओं के स्थान पर उन्हें कोई निकट स्थानापन्न देश में ही उत्पादित किया जाता है । 

 

प्रश्न 13. पुनःनिर्यात व्यापार को समझाइए । 

उत्तर- विदेशों से वस्तुओं को आयात कर उन्हें वैसा का वैसा ही , या कुछ परिवर्तन कर निर्यात करना पुनःनिर्यात व्यापार कहलाता है । 

जैसे- भारत द्वारा काजू एवं रत्नों का आयात कर उनमें कुछ प्रक्रिया कर पुनःनिर्यात कर दिया जाता है । 

 

प्रश्न 14. भारत की प्रमुख आयात एवं निर्यात की वस्तुओं के नाम लिखिए । 

उत्तर- भारत की आयात की प्रमुख वस्तुएँ निम्नलिखित हैं 

1.पूँजीगत वस्तुएँ- मशीन , धातुएँ , अलौह धातुएँ , परिवहन साधन । 

  1. कच्चा माल- खनिज तेल , कपास , जूट तथा रासायनिक वस्तुएँ । 
  2. उपभोक्ता वस्तुएँ- खाद्यान्न , विद्युत उपकरण , औषधियाँ , वस्त्र , कागज आदि । 

 

भारत के निर्यातों की प्रमुख वस्तुएँ निम्नलिखित हैं 

  1. खाद्यान्न- अनाज , चाय , तम्बाकू , काफी , काजू , मसाले आदि । 
  2. कच्चा माल – खाल , चमड़ा , ऊन , रुई , कच्चा लोहा , मैंगनीज , खनिज पदार्थ , हीरे जवाहरात आदि । 
  3. विर्निमित वस्तुएँ- जूट का सामान , कपड़ा , चमड़े का सामान , रेशम के वस्त्र , तैयार कपड़े , सीमेंट , रसायनिक पदार्थ , खेल का सामान व जूते । 
  4. पूँजीगत वस्तुएँ – मशीनें , परिवहन उपकरण , लोहा इस्पात , इंजीनियरिंग वस्तुएँ , सिलाई मशोन । 

 

परिवहन, संचार एवं विदेशी व्यापार दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 

 

प्रश्न 1. परिवहन के साधन मानव सभ्यता की प्रगति के पथ प्रदर्शक कैसे हैं ? लिखिए । 

उत्तर- आधुनिक औद्योगिक समाज के लिए परिवहन व संचार के साधन अनिवार्य आवश्यकता बन गये हैं । ज्यों – ज्यों मानव सभ्यता की ओर अग्रसर होता गया , परिवहन का इतिहास मानव सभ्यता का इतिहास बनता गया । अतः परिवहन के साधन मानव सभ्यता की प्रगति के पथ प्रदर्शक बन गये हैं । इसे आगे अंकित बिन्दुओं से स्पष्ट किया जा सकता है 

( 1 ) सड़कें , रेलें , जलमार्ग , वायुमार्ग एवं इनके साधन मण्डी के लिए कृषि उपजें , उद्योगों के लिए कच्चामाल , उपभोक्ताओं के लिए तैयार माल , व्यापारियों के दूरस्थ माल आदि सुलभ कराते हैं । हमारी छोटी – छोटी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति इन साधनों से ही सम्भव होती है । 

( 2 ) परिवहन के साधन भारतीय राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ आधार प्रदान करते हुए सद्भाव एवं भाईचारे को जागृत कर देश को एकता के सूत्र में बाँधने का कार्य भी करते हैं । भारत के विस्तृत विस्तार , आर्थिक , सांस्कृतिक तथा सामाजिक बहुलता एवं विविधता , भाषायी , सांस्कृतिक तथा वैचारिक एवं भौगोलिक दूरी से राष्ट्रीय एकता के खंडित होने का खतरा लगातार बना रहता है । परिवहन के साधन वैचारिक व भौगोलिक टूरियों को सीमित करके राष्ट्रीय एकता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । 

( 3 ) परिवहन के साधनं राष्ट्रीय प्रगति व समृद्धि के सूचक हैं । इनसे ही माल व यात्री की ढुलाई नियमित , विश्वसनीय व तीवग्रामी होती है । 

( 4 ) परिवहन व संचार के द्रुतगामी व सक्षम साधनों के द्वारा दुनिया बहुत छोटी हो गयी है । किसी एक देश के बाजारों में हुए परिवर्तन का प्रभाव अन्य देशों के बाजारों पर अवश्य पड़ता है । दुनिया के लोगों की परस्पर निर्भरता को परिवहन के साधन सुलभ बना देते हैं । 

 

प्रश्न 2. भारत के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों का वर्णन कीजिए । 

उत्तर- भारत के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग निम्न तालिका से दृष्टव्य हैं

 

प्रश्न 3. रेलमार्गों का वितरण भारत में असमान है स्पष्ट कीजिए । 

उत्तर- भारत में रेलमार्गों का विकास उन्हीं क्षेत्रों में हुआ है , जो आर्थिक दृष्टि से अधिक विकसित हैं । यह वितरण अत्यधिक असमान है , जिसे निम्नानुसार स्पष्ट किया जा सकता है अधिक सघन रेलमार्ग क्षेत्र- यह क्षेत्र उत्तर भारत के सतलज – गंगा के मैदान में पंजाब से लेकर पश्चिम बंगाल तक विस्तारित है । इस रेल क्षेत्र के प्रमुख स्टेशन लुधियाना , दिल्ली , कानपुर , लखनऊ , इलाहाबाद , वाराणसी , आसनसोल , हावड़ा आदि हैं । मध्य सघन रेलमार्ग क्षेत्र- इस रेल क्षेत्र में प्रायद्वीपीय मैदान एवं दक्षिण के पठार सम्मिलित हैं । अहमदाबाद , बड़ोदरा , चैन्नई मुख्य स्टेशन हैं । कम सघन रेलमार्ग क्षेत्र- देश के पर्वतीय , पठारी , मरुस्थलीय , दलदली , जंगली तथा पिछड़ी अर्थव्यवस्था एवं विरल जनसंख्या वाले भू – भाग , जहाँ परिवहन की सुविधाएँ नगण्य हैं , वहाँ रेलमार्गों का विकास नहीं हो पाया है । इनमें कश्मीर , हिमाचल प्रदेश , सिक्किम , अरुणाचल प्रदेश , मणिपुर , नागालैण्ड , मिजोरम , त्रिपुरा , मेघालय , छत्तीसगढ़ का बस्तर एवं उड़ीसा के अधिकांश भाग सम्मिलित हैं । भारतवर्ष के पूर्वी एवं पश्चिमी तटीय भागों में समुद्र तट के कटा – फटा व संकरे होने तथा पहाड़ियों के किनारे के कारण रेलमार्ग पर्याप्त विकसित नहीं हो सके हैं । पूर्वी तट पर समुद्र तट के कन्याकुमारी से हावड़ा तक रेलमार्ग विकसित है । पश्चिम तटीय क्षेत्र में कर्कोकण रेल निगम की स्थापना के साथ 837 कि.मी. का रेलमार्ग विकसित हुआ है । इस प्रकार स्पष्ट है कि रेलमार्गों का वितरण भारत में असमान है । 

 

प्रश्न 4. संचार के साधन वर्तमान युग में अत्यन्त महत्वपूर्ण व उपयोगी कैसे हैं ? वर्णन कीजिए । 

उत्तर- संचार के साधन वर्तमान युग में इस प्रकार अत्यन्त महत्वपूर्ण एवं उपयोगी हैं- 

( 1 ) ये देश के विकास कार्यक्रम और नीतियों के बारे में जनता में जागरुकता विकसित करने एवं राष्ट्र निर्माण के लिए सशक्त माध्यम हैं । 

( 2 ) ये देश के आर्थिक विकास , सामाजिक सम्बन्धों की प्रगति एवं सांस्कृतिक एकता में वृद्धि को प्रोत्साहित करते हैं । 

( 3 ) ये अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रकार के लोगों को एक दूसरे के निकट लाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं । 

( 4 ) ये घर बैठे विश्व की महत्वपूर्ण घटनाओं को पढ़ने , सुनने और देखने में मदद करते हैं । 

( 5 ) ये विश्व के किसी भी कोने में अपने मित्र व परिवार वालों से बातचीत करने में सहायता करते हैं । 

( 6 ) ये युद्ध , दुर्घटना , भूकम्प एवं आपातकाल आदि घटनाओं के समय घटना स्थल की स्थिति का समाचार देते और शीघ्र राहत सामग्री भेजने में सहायता करते हैं । 

( 7 ) ये यातायात सेवाओं में मदद करते हैं । 

( 8 ) ये व्यापार के क्षेत्र में माल को खरीदने एवं बेचने में सहयोग प्रदान करते हैं । 

 

प्रश्न 5. दूरदर्शन संचार का सबसे उपयुक्त माध्यम है । ” स्पष्ट कीजिए । 

उत्तर- दूरदर्शन संचार का सबसे उपयुक्त माध्यम है । इसे निम्नलिखित तथ्यों द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है- 

( 1 ) दूरदर्शन के कार्यक्रमों को देश की लगभग 87 % से अधिक जनता 1042 स्थल ट्रांसमीटरों के माध्यम से देख सकती है । 

( 2 ) दूरदर्शन के कार्यक्रम तैयार करने वाले केन्द्रों की संख्या 20 हैं । 

( 3 ) दूरदर्शन के 11 क्षेत्रीय भाषाओं के उपग्रह चैनल हैं । 

( 4 ) खेल सम्बन्धी गतिविधियों के लिए दूरदर्शन का डी.डी. स्पोर्टस चैनल है । 

( 5 ) गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए दूरदर्शन का डी.डी. ज्ञान – दर्शन शैक्षिक चैनल है । 

( 6 ) अन्तर्राष्ट्रीय दर्शकों को भारतीय सामाजिक , सांस्कृतिक , राजनीतिक एवं आर्थिक क्षेत्रों में नई जानकारी देने हेतु डी.डी. इण्डिया चैनल है । इस प्रकार दूरदर्शन के द्वारा सभी क्षेत्रों के संदेश , विचार , समाचार आदि विभिन्न चैनलों के माध्यम से पहुँचाये जाते हैं । अतः कहा जा सकता है कि दूरदर्शन संचार का सबसे उपयुक्त माध्यम है । 

 

प्रश्न 6. विदेशी व्यापार का आर्थिक विकास में योगदान बताते हुए अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए ।

उत्तर – विदेशी व्यापार का आर्थिक विकास में इस प्रकार योगदान रहता है- 

( 1 ) इससे देश स्वावलम्बी बन जाते हैं । स्थिति , जलवायु , भूमि की प्रकृति तथा अन्य कारणों से जो वस्तुएँ देश में उपलब्ध नहीं होती हैं , उनकी पूर्ति विदेशी व्यापार से सम्भव है । 

( 2 ) इससे औद्योगीकरण को बल मिलता है । कच्चे माल और शक्ति के साधनों की आपूर्ति विदेशी व्यापार से सम्भव हो जाती है । 

( 3 ) इससे कृषि विकास की प्रबल सम्भावनाएँ निर्मित होती हैं । उन्नत तकनीक एवं बीजों की आपूर्ति से कृषि विकास को बढ़ावा मिलता है । 

( 4 ) इससे विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है , जिसका उपयोग राष्ट्र के आर्थिक विकास में किया जाता है । 

( 5 ) इससे उद्योग एवं कृषि में रोजगार के अवसर बढ़ते हैं । 

( 6 ) इससे बाजार में वस्तुओं की विविधता देखने को मिलती है । उपभोक्ता अपने जीवन स्तर को उन्नत कर सकता है । 

( 7 ) व्यापार से विभिन्न देशों में बाढ़ , अकाल , महामारी तथा भूकम्प आदि के विनाश से लोगों की रक्षा होती है । 

 

अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं –

1 . स्थिति- जो देश संसार के व्यापारिक मार्गों पर स्थित होते हैं , उनकी अन्तर्राष्ट्रीय व्यापारिक उन्नति शीघ्र होती है । 

  1. कटा – फटा समुद्र तट – जिन देशों का समुद्र तट बहुत कटा – फटा होता है , वहाँ उन्नत बंदरगाह विकसित होते हैं , लोग साहसी और अच्छे नाविक होते हैं । 
  2. प्राकृतिक साधन- किसी देश का व्यापार वहाँ के प्राकृतिक साधनों की भिन्नता से प्रभावित होता है । प्राकृतिक साधनों में देश की जलवायु , वन , कृषि योग्य भूमि , कृषि उपजें , खनिज आदि सम्मिलित किये जाते हैं । इन्हीं साधनों पर उत्पादन निर्भर करता है । 
  3. आर्थिक विकास- सभी देशों के आर्थिक विकास की स्थिति एक समान नहीं होती । जो देश आर्थिक प्रगति में आगे हैं , उसका व्यापार अधिक उन्नत होता है । 
  4. सांस्कृतिक भिन्नता- संसार के सभी देश सांस्कृतिक रूप से समान नहीं हैं । विभिन्न देशों में सामाजिक एवं धार्मिक दृष्टिकोण , रहन – सहन , रीति – रिवाज , रूचियाँ भिन्न – भिन्न हैं । इस सांस्कृतिक भिन्नता के कारण उत्पादन एवं मांग भी भिन्न – भिन्न हैं । 
  5. जनसंख्या की भिन्नता – जनसंख्या का असमान वितरण व्यापार को प्रभावित करता है । अधिक जनसंख्या वाले देशों में माँग अधिक रहती जनसंख्या वाले देशों में लोगों का जीवन स्तर ऊँचा होता है तथा वस्तुओं की मांग अधिक रहती है ।

 

प्रश्न 7. भारत में निर्यात संवर्द्धन के लिए किए गए प्रयासों का वर्णन कीजिए । 

उत्तर -1. विभिन्न संगठनों की स्थापना- भारत सरकार ने निर्यात के लिए बाजार खोजने , घरेलू माल का विदेशों में प्रचार करने तथा निर्यातकों को सुविधा देने के लिए विदेशी व्यापार संस्थान , आयात – निर्यात सलाहकार परिषद , राजकीय व्यापार निगम , निर्यात संवर्द्धन परिषद , सूती वस्त्र निगम , जूट निगम , निर्यात आयात बैंक की स्थापना की है । 

  1. व्यापार विकास संस्था – निर्यात संवर्द्धन के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न संस्थाओं में समन्वय स्थापित कर आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु व्यापार विकास संस्था को स्थापित किया गया । 
  2. राजकीय व्यापार निगम की स्थापना – निर्यात के विविधीकरण , विद्यमान बाजार को विस्तार देने एवं निर्यात कर आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध करने हेतु व्यापार विकास संस्था को स्थापित किया गया । 
  3. निर्यातगृहों की स्थापना- मान्यताप्राप्त संस्थाओं को निर्यात संवर्द्धन के लिए विपणन विकास , निधि से आर्थिक सहायता प्रदान कराने हेतु इसकी स्थापना की गई । भारत सात निर्यात संसाधन क्षेत्र हैं कांडला ( गुजरात ) , सांताक्रूज ( महाराष्ट्र ) , कोच्चि ( केरल ) , चैन्नई ( तामिलनाडु ) , नोएडा ( उत्तरप्रदेश ) , फाल्टा ( पश्चिमी बंगाल ) , विशाखापट्टनम ( आन्ध्रप्रदेश ) । यहाँ कस्टम किलीयरेंस की सुविधाएँ हैं । 
  4. भारतीय निर्यात – आयात बैंक की स्थापना- निर्यात व्यापार को बढ़ावा देने हेतु । निर्यात आयात बैंक की स्थापना की गई है । 
  5. ग्रीन कार्ड- सरकार ने निर्यात को तेजी से बढ़ाने के उद्देश्य से शतप्रतिशत निर्यात करने वाली संस्थाओं को ग्रीन कार्ड जारी किया है । 
  6. उदार लाइसेंस प्रणाली- सरकार ने 1992 में नई आयात – निर्यात नीति की घोषणा करके । लाइसेंस प्रणाली को काफी उदार बना दिया है इससे मुक्त व्यापार को बढ़ावा मिलता है । 

 

प्रश्न 8. भारत के रेखाचित्र व मानचित्र में निम्नलिखित को दर्शाइए 

हजीरा- जगदीशपुर गैस पाइप लाइन , विशाखापट्टनम , दुग्ध पाइप लाइन , कोई दो प्रमुख आंतरिक जलपरिवहन मार्ग , सीमा सड़क विकास बोर्ड का क्षेत्र । अरब सागर  , दिल्ली , थार का मरुस्थल ।

 

 

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